अल फुरकान ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद सदीक को ED ने किया गिरफ्तार, मनी लॉन्ड्रिंग-कट्टरपंथ फैलाने और जबरन धर्मांतरण के गंभीर आरोप

मोहम्‍मद सदीक उर्फ सादिक़ खान को ED की जयपुर शाखा ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया है। वह बीकानेर की अल फुरकान एजुकेशनल ट्रस्ट (AET) के पूर्व अध्यक्ष हैं।

ED के मुताबिक, सदीक पर सरकारी दान की हेराफेरी, कैश आधारित अवैध लेन-देन, संदिग्ध विदेशी संपर्क, कट्टरपंथ से जुड़े गतिविधियों और जबरन धर्म परिवर्तन में शामिल होने के आरोप हैं। उसे PMLA के तहत गिरफ्तार किया गया है।

PMLA कोर्ट ने गुरुवार (4 दिसंबर 2025) को सुनवाई के बाद मोहम्मद सदीक को 3 दिन की ED कस्टडी में भेज दिया। राजस्थान पुलिस की दो FIR और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर ED ने जाँच शुरू की, जिसमें आरोप हैं कि सदीक कट्टरपंथ फैलाने, दावा गतिविधियों, जबरन धर्मांतरण और विदेशी कट्टरपंथी गिरोहों से जुड़े नेटवर्क में शामिल था।

उस पर आरोप है कि उसने अपने और परिवार के बैंक खातों से करोड़ों रुपए के लेन-देन किए। पुलिस की FIR में कत्ल की कोशिश, ग़ैर-कानूनी हथियारों का इस्तेमाल जैसे मामले भी दर्ज हैं। ED के अनुसार, उसने मस्जिद-ए-आयशा से जुड़े अल फुरकान ट्रस्ट की स्थापना की और इसके नाम पर भारी कैश दान इकट्ठा किए, जिनका कोई रिकॉर्ड नहीं रखा गया।

ED का कहना है कि मजहबी और सामाजिक कामों के नाम पर इकट्ठा हुआ सारा दान वह खुद रखता था और इन्हीं पैसों का इस्तेमाल विदेश यात्राओं, बैन संगठनों के लोगों से मिलने और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों में करता था।

जाँच में सामने आया कि वह बांग्लादेश, नेपाल, कतर और ओमान कई बार गया और वहाँ बिना किसी वैध वित्तीय रिकॉर्ड के नकद ले जाता था। बांग्लादेश में वह मोहम्‍मद सलीम उर्फ सौरभ वैद्य के संपर्क में था, जिसे बाद में MP ATS ने हिज्ब-उत-तहरीर से संबंधों के आरोप में पकड़ा।

ED ने यह भी पाया कि सदीक के पास कई सालों से कोई वैध आय का स्रोत नहीं था और वह जुए, अवैध शराब व्यापार और देशी हथियारों की कथित तस्करी से पैसे कमा रहा था। पुलिस ने उससे और उसके साथियों से तीन देसी हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए थे।

जाँच में यह भी सामने आया कि वह धर्म और चैरिटी की आड़ में गुप्त और अवैध गतिविधियों को छुपाता रहा। वह जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB/JuM) के सदस्यों से मिला और उनके संपर्क में रहा। उसे JMB से जुड़े लोगों ने नेपाल में बैठकों के लिए बुलाया था। वह सीरिया जाकर संघर्ष क्षेत्रों में जाने की योजना बना रहा था, लेकिन इमिग्रेशन ने उसे रोक दिया। एक वायरल वीडियो में उसने भड़काऊ बयान भी दिया था।

ED ने बताया कि उसके नेतृत्व में विदेशी देश का झंडा जलाने की घटनाएँ हुईं और इन्हीं के बहाने वह दान इकट्ठा करता था, ताकि लोगों की भावनाएँ भड़का कर निजी फायदा ले सके। 17 सितंबर को ED ने सदीक और उसके सहयोगियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जाँच के तहत बीकानेर में बड़े पैमाने पर छापेमारी भी की थी।