इंडिगो ‘कर्मचारी’ का ओपन लेटर वायरल, प्रबंधन-CEO को बताया टॉक्सिक वर्क कल्चर का जिम्मेदार: लिखा- कम सैलरी देकर ज्यादा खटाते हैं, बेइज्जत भी करते हैं

इंडिगो की अव्यवस्था और देशभर में हुए हजारों उड़ानों की देरी और रद्द किए जाने के बीच एक ओपन लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एयरलाइन प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इस बीच बढ़ते विवाद पर इंडिगो बोर्ड ने हाई-लेवल क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) गठित किया है। DGCA ने इंडिगो के CEO को नोटिस भेजा है।

कर्मचारियों का हो रहा था शोषण

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए इस अनवेरिफाइड पत्र में खुद को इंडिगो का कर्मचारी बताने वाले व्यक्ति ने दावा किया है कि एयरलाइन की हाल की स्थिति सालों से हो रही गिरावट का नतीजा है।

पत्र में CEO पीटर एल्बर्स समेत आठ बड़े अधिकारियों को अहंकारी प्रबंधन, खराब निर्णय और कर्मचारियों के शोषण का जिम्मेदार ठहराया गया है। पत्र में कहा गया है कि थकान और सुरक्षा से जुड़े कर्मचारियों की चेतावनी को प्रबंधन ने नजरअंदाज किया, जिससे आज ये स्थिति पैदा हुई।

लेटर में लिखा गया है, “मेरे साथी नागरिकों और इंडिगो के मैनेजमेंट के नाम खुला खत, मैं यह एक स्पोक्सपर्सन के तौर पर नहीं, कॉर्पोरेट भाषा के पीछे छिपे किसी व्यक्ति के तौर पर नहीं, बल्कि एक इंडिगो एम्प्लॉई के तौर पर लिख रहा हूँ। उन्होंने लिखा है कि हर शिफ्ट कराई जाती थी, बगैर रात में रेस्ट दिए हुए। उनकी बेइज्जती की जाती थी। यहाँ तक कि सैलरी से कम की चेक दी जाती थी।”

कर्मचारी ने आरोप लगाया कि पायलटों और ग्राउंड स्टाफ को ज्यादा काम, कम स्टाफिंग और लाभों की कटौती झेलनी पड़ी, जबकि शिकायत करने वालों को डराया-धमकाया गया।

वायरल लेटर के बीच इंडिगो ने रविवार (7 दिसंबर 2025) को कहा कि बोर्ड ने पहले ही दिन बैठक कर स्थिति की समीक्षा की और उच्च स्तरीय CMG गठित किया। इस समूह में चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता, निदेशक ग्रेग सेरेट्सकी, माइक व्हिटेकर, अमिताभ कांत और CEO पीटर एल्बर्स शामिल हैं।