खिलजी ने नालंदा इसलिए जलाई ताकि सभ्यता पर विश्वास डगमगाए: गौतम अडानी का धनबाद के IIT (ISM) से संदेश, कहा- ‘जो कहानी हम नहीं लिखेंगे, वो हमारे खिलाफ लिखी जाएगी’

दिग्गज उद्योगपति और अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी मंगलवार (9 दिसंबर 2025) को धनबाद स्थित IIT (ISM) के शताब्दी स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने छात्रों को सपने देखो और लगातार मेहनत करने का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने संस्था को भारत की मिट्टी से निकली उम्मीद और ऊर्जा का प्रतीक बताया है।

अडानी ने कहा कि अगर भारत को अपनी तकदीर संवारनी है, तो उसे अपनी धरती की ताकत को समझना होगा। साथ ही, उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा सदियों पुरानी है और IIT (ISM) धनबाद उसी परंपरा का आधुनिक रूप है।

उन्होंने दुनिया में वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं के युग के खत्म होने का उदाहरण देते हुए कहा कि जो राष्ट्र कभी मजबूत गठबंधनों से बंधे थे, वे आत्मरक्षा के चलते पीछे हट रहे हैं। उन्होंने कहा, “रेयर अर्थ, सेमीकंडक्टर, शुल्कों और व्यापार संधियों के पतन का संघर्ष अब अपवाद नहीं बल्कि सामान्य बात हो गई है।”

उन्होंने नालंदा का उदाहरण देते हुए कहा कि जब बख्तियार खिलजी ने नालंदा को जलाया, तो उसका मकसद सिर्फ इमारतें गिराना या पांडुलिपियों को आग लगाना नहीं था। अडानी ने कहा, “उसका असली हमारा सभ्यता पर विश्वास, हमारा ज्ञान-तंत्र और हमारी स्वतंत्र सोचने की क्षमता पर था।”

उन्होंने कहा, “ब्रिटिश भारत पहुँचे तो उन्होंने ज्ञान को बदल दिया। उन्होंने ऐसी शिक्षा प्रणाली बनाई, जिसका लक्ष्य विचारक पैदा करना नहीं बल्कि क्लर्क और नौकरशाह बनाना था। जिस दिन हम ये कहानियाँ भूल गए, उसी दिन हमारी एकता टूटने लगती है।”

अडानी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “इतिहास मत भूलो भविष्य सौंपा नहीं जाता कमाया जाता है। जो तुम निर्माण करोगे, वही राष्ट्र की दिशा तय करेगा। जो तुम बनोगे, वही हमारा भारत बनेगा! जो हक हम नहीं माँगेंगे, वो हमसे छीना जाएगा। जो कहानी हम नहीं लिखेंगे, वो हमारे खिलाफ लिखी जाएगी।”