बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों का सिलसिला जारी है। ताजा मामला नाओगाँव जिले के महादेवपुर का है जहाँ कट्टरपंथी ‘कातिलों’ की भीड़ से बचने के लिए नहर में कूदे एक हिंदू युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान 25 वर्षीय मिथुन सरकार के रूप में हुई है।
रिपोट्स के मुताबिक, स्थानीय लोगों की भीड़ ने मिथुन पर चोरी का आरोप लगाते हुए उसका पीछा किया। जान बचाने के लिए वह चकगौरी बाजार इलाके में एक नहर (खारी) में कूद गया लेकिन तैर न पाने के कारण डूब गया। मदद की गुहार के बावजूद उसे बचाया नहीं गया। पुलिस ने मंगलवार (6 जनवरी 2025) शाम नहर से उसका शव बरामद किया। मिथुन भंडारपुर गाँव का रहने वाला था और पिंकू सरकार का बेटा था।
हालाँकि, पुलिस ने मौत का कारण डूबना बताया है लेकिन असली कारण वही कट्टरपंथियों की भीड़ है जो हिंदुओं के खून की प्यासी है। शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से बांग्लादेश में चुनावी माहौल के बीच हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएँ बढ़ी हैं। इससे पहले भी दीपू चंद्र दास, अमृत मंडल, राणा प्रताप बैरागी सहित कई हिंदू हिंसा में मारे जा चुके हैं।

