भोपाल लिटरेचर फेस्टिवल (BLF) में लेखक आभास मालदहियार का सत्र रद्द किए जाने क मामले में भारत भवन के न्यासी और माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने नया दावा किया है। मनोहर तिवारी का कहना है कि यह भारत भवन और BLF के बीच का पुराना विवाद है और इसका किसी किताब या लेखक से कोई संबंध नहीं है। दरअसल, मालदहियार ने अपनी किताब ‘बाबर: द क्वेस्ट फॉर हिंदुस्तान’ को लेकर उनका सत्र रद्द किए जाने का दावा किया था।
तिवारी ने मध्य प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी को इसे लेकर एक पत्र भी लिखा है। उनका कहना है कि 8 साल से भारत भवन BLF को दिया जा रहा है जबकि दूसरी किसी संस्था को यह उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि साहित्य के नाम पर ऐसी विवादास्पद संस्था को जगह देने से भारत भवन की साख खराब हुई है और साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्थाएँ इसे लेकर लगातार अपनी आवाज उठाती रही हैं।
तिवारी ने कहा, “शासन को निर्णय करना चाहिए कि अगले वर्ष से BLF के लिए भारत भवन उपलब्ध नहीं है। भारत भवन जैसे प्रतिष्ठित कला केंद्र को BLF जैसे बदनामी बटोरने वाले आयोजनों से बचाया जाना तत्काल आवश्यक है। बाबर जैसे आक्रमणकारी को विमर्श-केंद्र में लाना न केवल अनुपयुक्त है बल्कि भारत की आत्मा के वर्तमान प्रवाह के बिल्कुल विपरीत भी है।”
इससे पहले आभास मालदहियार ने कहा था कि BLF में उनका सत्र कैंसिल कर दिया गया था और ऐसा उनके ऊपर झूठे दावों के चलते हुआ जिसमें कहा गया कि उन्होंने मुगल तानाशाह बाबर की तारीफ की थी। रविवार (11 जनवरी 2026) को आभास मालदहियार ने इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओपन लेटर लिखते हुए X पर एक पोस्ट किया। पोस्ट में उन्होंने बताया कि ‘स्वदेश’ नाम के एक अखबार ने उनके खिलाफ मानहानिकारक रिपोर्ट छापी और झूठा दावा किया कि उन्होंने मुगल तानाशाह की तारीफ की है।

