संसद के बजट सत्र के 12वें दिन (12 फरवरी 2026) को केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में हुए हंगामे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। रिजिजू के अनुसार, यह वीडियो कॉन्ग्रेस सांसदों द्वारा गैर-कानूनी तरीके से बनाया गया था, जिसमें 20-25 कॉन्ग्रेस सांसद स्पीकर के चैंबर में घुसकर तेज आवाज में विरोध कर रहे थे और प्रधानमंत्री मोदी को धमकी दे रहे थे।
केरिन रिजिजू ने वीडियो शेयर कर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने वीडियो के साथ लिखा, “यह कॉन्ग्रेस सांसद द्वारा बनाया गया अवैध वीडियो क्लिप है। इसमें सांसद माननीय अध्यक्ष के कक्ष में घुसकर अपशब्द कह रहे हैं और प्रधानमंत्री को धमकी दे रहे हैं। हमारी पार्टी बहस और चर्चा में विश्वास रखती है और किसी सांसद को शारीरिक रूप से धमकी देने के लिए प्रोत्साहित नहीं करती।”
This is the illegal video clip taken by a Congress MP when 20-25 Congress MPs entered the Chamber of Hon’ble Speaker, abused him and threatened Honb'le Prime Minister. Our party believes in debate & discussion and never encourage MPs to threaten physically. https://t.co/bezzALc7D3 pic.twitter.com/iM0a50Z4rg
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) February 12, 2026
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कॉन्ग्रेस सांसद तेज आवाज में विरोध जताते हुए स्पीकर के चैंबर में घुसते हैं। रिजिजू ने कहा कि अगर भाजपा सांसदों ने संयम नहीं रखा होता और महिला सांसदों को सुरक्षित नहीं किया जाता, तो वहाँ बड़ा विवाद पैदा हो सकता था।
प्रियंका गाँधी और केसी वेणुगोपाल पर गंभीर आरोप
रिजिजू ने विशेष रूप से प्रियंका गाँधी और केसी वेणुगोपाल का नाम लेते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी में विपक्षी सांसदों ने स्पीकर और प्रधानमंत्री को गालियाँ दी और धमकाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसदों ने कहा, “जब प्रधानमंत्री संसद आएँगे तो देखिएगा हम क्या करते हैं।” रिजिजू ने साफ किया कि संसद में शारीरिक गहमागहमी या धमकाने को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा और यह सभी की जिम्मेदारी है कि संसद की गरिमा और पवित्रता बनी रहे।
प्रियंका गाँधी का जवाब
वहीं किरेन रिजिजू के आरोपों पर प्रियंका गाँधी ने कहा, “हमने किसी को गाली नहीं दी। 1-2 सांसद थोड़े उत्तेजित थे और उन्होंने अपनी बात रखी। यह कहना कि मैंने उन्हें उकसाया, बिल्कुल झूठ है। मैं चुपचाप बैठी थी। अंत में मैंने कुछ बातें शांतिपूर्वक कही थीं।”

