जानकारी के मुताबिक, चलती मोपेड पर कुछ लोगों ने हमला किया, जिससे वे नीचे गिर गए। आसपास मौजूद लोगों को कुछ समझ में नहीं आया। इस बीच आरोपित लाल केटव ने पुजारी की छाती पर पैर रखा और धारदार हथियार से गर्दन काट दिया। उसने 8 वार किए जिससे पुजारी पूरी तरह लहुलुहान हो गए।
आरोपित ने वहाँ से भागने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने आरोपित लाल केवट को पकड़ लिया। पुजारी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण वहाँ जमा हो गए। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक आरोपित लाला केवट का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह पूजा-पाठ करने वालों को परेशान करता रहा है। ब्राह्मणों से उसे काफी नफरत है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, उसने ब्राह्मण होने की वजह से कई लोगों के साथ मार-पीट की थी। उसने तहसीलदार लवलेश मिश्रा की हत्या से पहले उनके घर जाकर गाली गलौज किया था। यहाँ तक कि वकील राजेन्द्र तिवारी को भी पीटा था।
पुलिस का कहना है कि लोगों में घटना को लेकर काफी रोष है। पुजारी द्विवेदी सामाजिक रूप से काफी सम्मानित व्यक्ति थे। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जाँच की जा रही है।
हत्या के खिलाफ लोगों में काफी गुस्सा है। पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लेकर जाँच शुरू कर दी है।

