ममता सरकार पर भड़की राष्ट्रपति मुर्मू, बंगाल में रिसीव करने नहीं पहुँचा कोई सरकारी प्रतिनिधि: ST से जुड़े कार्यक्रम के लिए जगह ना देने का भी आरोप, बोलीं- संथालों को रोका गया

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रपति ने ममता बनर्जी सरकार के रवैये पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उन पर जनजातीय समुदाय से जुड़े ‘इंटरनेशनल संथाल कॉन्क्लेव’ को अनुमति न देने और प्रोटोकॉल का पालन न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। राष्ट्रपति की अगवानी के लिए राज्य सरकार का कोई भी प्रतिनिधि मौजूद नहीं था, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई है।

राष्ट्रपति मुर्मू का सीधा प्रहार

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, “पता नहीं प्रशासन के मन में क्या था, हम तो आसानी से यहाँ आ गए। उन्होंने बोला कि वहाँ हालात बहुत ज्यादा कंजस्टेड हैं, लेकिन यहाँ तो मुझे लगता है कि 5 लाख लोग आसानी से इकट्ठे हो सकते हैं। पता नहीं हमें वहाँ किसलिए ले गए।” राष्ट्रपति ने आगे भावुक होते हुए कहा कि वे अपने भाई-बहनों के पास जाकर उनके हालात देखना चाहती थीं, लेकिन प्रशासन ने अड़ंगा डाला।

आरोप है कि अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन को उत्तर बंगाल में आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि राष्ट्रपति इसमें मुख्य अतिथि थीं। इसके अलावा, देश के सर्वोच्च पद पर आसीन व्यक्ति के स्वागत के लिए किसी सरकारी प्रतिनिधि का न आना प्रोटोकॉल का बड़ा उल्लंघन माना जा रहा है। इस घटनाक्रम ने बंगाल की राजनीति में एक नया उबाल ला दिया है और राष्ट्रपति ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।