ब्रिटेन के लंदन में एक सिख समुदाय के रेस्टोरेंट मालिक हरमन सिंह कपूर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हरमन सिंह ने अपने रेस्टोरेंट में हलाल मीट बेचने से इनकार किया था। इसके बाद हरमन और उनके परिवार को पाकिस्तानियों की तरफ से जान से मारने की धमकी मिलने लगी। इसे देखते हुए हरमन ने रेस्टोरेंट बंद करने का फैसला लिया था।
All I did was protect my family, yet I was the one arrested. Instead of protecting us, the police targeted my religion — my Sikh faith and my beliefs. This is deeply troubling.
— Harman Singh Kapoor (@kingkapoor72) March 14, 2026
हरमन सिंह की गिरफ्तारी की वीडियो भी सामने आई है, जिसमें पुलिस उन्हें उनके ही रेस्टोरेंट से गिरफ्तार कर ले जा रही है। हरमन सिंह ने भी ‘एक्स’ पर एक ट्वीट का जवाब देते हुए अपनी गिरफ्तारी की पुष्टि की। उन्होंने लिखा, “मैंने तो बस अपने परिवार की रक्षा की, फिर भी मुझे ही गिरफ्तार कर लिया गया। हमारी सुरक्षा करने के बजाए पुलिस ने मेरे धर्म को निशाना बनाया। मेरे सिख होने और मेरी आस्था को लेकर मुझे टारगेट किया गया। यह बहुत चिंता की बात है।”
हरमन सिंह को पाकिस्तानियों ने दी धमकी
दरअसल, हरमन सिंह ब्रिटेन के लंदन में 16 साल से ‘रंगरेज रेस्टोरेंट एंड बार’ नाम से रेस्टोरेंट चलाते हैं। रेस्टोरेंट में हरमन सिंह हलाल मीट नहीं बेचते और इसको लेकर गेट पर साइनबोर्ड भी लगाया गया है। वे कहते हैं, “मुझे गर्व है कि मैं हलाल खाना नहीं बेचता। इसी वजह से कुछ लोग नाराज हैं और मेरे रेस्टोरेंट के बार में झूठे रिव्यू डाल रहे हैं। रंगरेज रेस्टोरेंट ऐसे लोगों को खुश करने के लिए जानवरों पर होने वाली क्रूरता का समर्थन नहीं करेगा।”
उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें हथियारबंद कुछ लोगों ने हरमन सिंह के रेस्टोरेंट पर धावा बोल दिया। हरमन सिंह ने दावा किया कि इन मुस्लिम लोगों ने रेस्टोरेंट में हलाल मीट न बेचने का विरोध किया और रेस्टोरेंट के बाहर उत्पात मचाया। इन लोगों ने जबरन रेस्टोरेंट के भीतर घुसने की कोशिश की और गेट ब्लॉक कर नारेबाजी भी की। वीडियो में मौके पर पुलिस भी नजर आ रही है।
I’ll keep fighting for future of Our kids
— Harman Singh Kapoor (@kingkapoor72) March 14, 2026
They can’t stop us know ✊ https://t.co/i9v9VUkv4P
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरमन सिंह के रेस्टोरेंट पर हमला करने वाले पाकिस्तानी हैं। कुछ ट्वीट्स में दावा किया गया कि हरमन सिंह और उनके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकी मिल रही है। यहाँ तक कि बच्चों उत्पात मचाने वाले लोगों ने हरमन सिंह के बच्चों का वीडियो भी बनाया और रेप की धमकी तक दी।
हरमन सिंह ने आत्मरक्षा के लिए उठाई तलवार
इस मामले को लेकर हरमन सिंह ‘एक्स’ पर लगातार एक्टिव हैं। हरमन ने खुद को मिल रही धमकियों के खिलाफ आत्मरक्षा की ठानी। उन्होंने एक वीडियो भी रिलीज किया, जिसमें हथियार उठाने की बात कही। वहीं हरमन सिंह ने आरोप भी लगाया कि इस मामले में पुलिस उनकी कुछ सहायता नहीं कर रही है।
एक वीडियो पोस्ट करते हुए हरमन सिंह ने कहा, “सब जानते हैं कि मुझे हर दिन कुछ शांतिप्रिय समुदायों द्वारा गंभीर हमलों का सामना करना पड़ता है। पुलिस की मदद अब तक अपर्याप्त रही है। मुझे और मेरे परिवार को हर दिन मानसिक और शारीरिक रूप से धमकियाँ दी जाती हैं। इस वजह से मेरे पास हथियार उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।”
It is a teaching in my faith:
— Harman Singh Kapoor (@kingkapoor72) March 14, 2026
When every option is exhausted to maintain peace, then the sword is needed to enforce it.
So, I taken one pic.twitter.com/oNPxBnyJoK
उन्होंने आगे कहा, “मैं अपने परिवार की रक्षा खुद करूँगा। मुझे पुलिस पर भरोसा नहीं है। अगर कोई मुझसे भिड़ना चाहे, तो कृपया मरने के लिए तैयार रहें। मुझे अब डर नहीं लगता। कृपया मेरे परिवार के पास न आएँ।”
हरमन ने यह भी कहा, “मेरे धर्म में कहा जाता है: जब शांति बनाए रखने के सभी विकल्प खत्म हो जाते हैं, तब उसे लागू करने के लिए तलवार की आवश्यकता होती है।”
इससे पहले हरमन ने रेस्टोरेंट बंद करने का भी फैसला लिया था, लेकिन कुछ समय बाद इसे दोबारा खोला गया। इसके बाद ही हरमन सिंह की 14 मार्च 2026 को रेस्टोरेंग से ही गिरफ्तारी की गई।
खालिस्तानी और मुस्लिम विरोधी हैं हरमन सिंह कपूर
भारतीय मूल के हरमन सिंह कपूर सिख एक्टिविस्ट हैं, जो खालिस्तानी उग्रवाद के खिलाफ मुखर हैं। हाल के महीनों में वे और उनकी पत्नी खुशी कपूर मुस्लिमों के खिलाफ भी वोकल हो गए थे। यही वजह रही कि हाल कि दिनों में उनके रेस्टोरेंट को निशाना बनाया गया, खासकर हलाल मीट न बेचने को लेकर।
साल 2023 में हरमन सिंह ने दावा किया था कि खालिस्तानी मूवमेंट की आलोचना करने के बाद उनकी कार पर गोली चलाई गई और तोड़फोड़ की गई। उन्होंने खालिस्तानी आतंकवादी द्वारा कनाडा की नैंसी ग्रेवाल की हत्या पर भी काफी ट्वीट्स किए।
Khalistan is not a nation; it is an ideology, a deeply misguided and foolish one.
— Harman Singh Kapoor (@kingkapoor72) March 6, 2026
To justify it, radical Jatts resort to violence and intimidation. Anyone who dares question them becomes a target (including me).
The killing of Nancy Grewal a lone lady in Canada on 3rd march… pic.twitter.com/XKqr7EbMU4
एक ट्वीट में हरमन सिंह ने लिखा, “खालिस्तान कोई राष्ट्र हीं, यह एक विचारधारा है, एक बेहद भ्रामक और मूर्खतापूर्ण विचारधारा। इसे जायज ठहराने के लिए कट्टरपंथी जाट हिंसा और धमकियों का सहारा लेते हैं। जो भी इन पर सवाल उठाने की हिम्मत करता है, वह निशाना बन जाता है(मुझ समेत)।” उन्होंने सभी पश्चिमी देशों से यह भी माँग की इन सभी कट्टर खालिस्तानियों को भारत वापस भेज दिया जाए।
रेस्टोरेंट बंद करने से ठीक पहले हरमन सिंह और उनकी पत्नी ने एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में लव जिहाद के मामलों के बारे में पैरेंट्स को चेतावनी दी थी। कपूर ने कहा था कि कई लड़कियों को पाकिस्तानी और बांग्लादेशी लड़कों द्वारा ब्रेनवॉश किया जा रहा है और वे परिवार से संपर्क खो रही हैं और उन्होंने ऐसे में कई केसों की जाँच की थी।
इतना ही नहीं हरमन सिंह ने हाल ही में ईरान की इस्लामिक रिजीम के विरोध में भी ट्वीट किए। यहाँ तक कि ट्रंप के पाकिस्तान को दोस्त कहने पर भी वह नाराज हुए। वे अपने एक्स अकाउंट पर मुस्लिमों के अपराधों को लगातार दुनिया के सामने लाते रहे हैं। खासकर लंदन के मेयर सादिक खान को लेकर कई विरोधी ट्वीट्स भी हरमन सिंह ने किए हैं।
सिख संगठनों की चुप्पी
हरमन सिंह कपूर की गिरफ्तारी के मामले ने सिख समुदाय में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वे खुद को सिख बताते हैं और लंदन में अपने रेस्टोरेंट को पाकिस्तानी और खालिस्तानी हमलों से बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन अब पुलिस ने उन्हें ही हिरासत में ले लिया।
अब सवाल यह है कि क्या प्रमुख सिख संगठन जैसे SGPC या अकाल तख्त इस पर आवाज उठाएँगे। कपूर ने हमेशा खालिस्तानी उग्रवाद के खिलाफ बोला है, जिससे कुछ सिख गुट उनसे नाराज भी रहे। फिर भी, अगर यह गिरफ्तारी अन्यायपूर्ण साबित हुए तो समुदाय उनका साथ देगा या नहीं।
अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहींया है और यह चुप्पी सोचने पर मजबूर करती है। सिख संगठन अक्सर अपने लोगों के हक में खड़े होते हैं, खासकर विदेशों में हो रहे उत्पीड़न पर। लेकिन इस इतने बड़े विवादास्पद मुद्दे पर कोई बयान अब तक सामने नहीं आया है।


