NewsMinute ने जिस कम्युनिष्ट नेता माथुर सत्या को बताया ‘क्रांतिकारी’, वो महिलाओं के यौन उत्पीड़न केस में गिरफ्तार: CPI ने भी पार्टी से निकाला, हिंदुओं और सवर्णों के खिलाफ उगलता था आग

खुद को ‘सामाजिक न्याय’ का पैरोकार बताने वाले और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के पूर्व नेता माथुर सत्या का असली चेहरा सामने आ गया है। कई महिलाओं द्वारा यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) के गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद, पुलिस ने गुरुवार (19 मार्च) को सत्या को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपित को चेन्नई लाया जा रहा है, जहाँ उससे गहन पूछताछ की जाएगी।

पार्टी ने दिखाया बाहर का रास्ता

माथुर सत्या पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए CPI ने उनसे किनारा कर लिया है। 14 मार्च को हुई आपात बैठक के बाद, 16 मार्च को पार्टी के दक्षिण चेन्नई जिला सचिव एस के शिवा ने घोषणा की कि सत्या को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें ‘ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन’ और ‘इंडियन सोसाइटी फॉर कल्चरल कोऑपरेशन एंड फ्रेंडशिप’ जैसे सभी पदों से भी हटा दिया गया है।

हिंदू विरोधी नैरेटिव और ‘जाति कार्यकर्ता’ का चोला

सलेम का रहने वाला माथुर सत्या एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट है, जिसने 2019 में अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ दी थी। वह फिल्म निर्माता पा रंजीत के ‘नीलम सोशल’ प्लेटफॉर्म से जुड़ा था, जहाँ वह अक्सर हिंदू विरोधी और सवर्णों के खिलाफ जहर उगलने वाले वीडियो बनाता था। ‘जाति कार्यकर्ता’ के नाम पर वह समाज में नफरत फैलाने वाले नैरेटिव को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता था।

NewsMinute की फजीहत और ‘क्रांतिकारी’ प्रोफाइल डिलीट

साल 2021 में वामपंथी पोर्टल ‘द न्यूज मिनट’ ने माथुर सत्या को एक ‘महान बुद्धिजीवी‘ और ‘क्रांतिकारी’ के रूप में पेश किया था। पोर्टल ने उसकी खूब तारीफें की थीं, लेकिन गिरफ्तारी और यौन शोषण के सबूत सामने आते ही पोर्टल को अपना वह लेख हटाना पड़ा।

पोर्टल ने अब एक नोट जारी कर स्वीकार किया है कि पीड़ित महिलाओं के बयानों के बाद सत्या का प्रोफाइल उनकी साइट पर रहना ठीक नहीं है।