मोदी सरकार ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करते समय भारतीय जहाजों पर हुई फायरिंग को लेकर सख्त रुख अपनाया है। भारत सरकार ने शनिवार (18 अप्रैल 2026) को इस मामले को लेकर ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फथअली को तलब किया है। भारत सरकार ने इस फायरिंग पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है और अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है।
#WATCH | Delhi: Ambassador of Iran to India, Dr. Mohammad Fathali returned to the Iranian Embassy after leaving from Ministry of External Affairs (MEA).
— ANI (@ANI) April 18, 2026
India lodged a protest with the Iranian Ambassador over the incident of firing on an Indian vessel at Strait of Hormuz. pic.twitter.com/oiPebadSHr
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर कड़ा बयान जारी किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा, “MEA ने आज शाम ईरान के राजदूत को विदेश सचिव के साथ बैठक के लिए बुलाया। इस बैठक में विदेश सचिव ने पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय झंडे वाले दो जहाजों पर हुई फायरिंग की घटना पर भारत की गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत के लिए व्यापारी जहाजों और समुद्री नाविकों की सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है।”
विदेश मंत्रालय ने कहा, “उन्होंने व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को भारत द्वारा दिए जाने वाले महत्व को रेखांकित करते हुए यह भी याद दिलाया कि पहले ईरान ने भारत आने वाले कई जहाजों के सुरक्षित गुजरने में मदद की थी। लेकिन इस गंभीर घटना को लेकर चिंता दोहराते हुए विदेश सचिव ने राजदूत से कहा कि वे भारत की बात और चिंता ईरान के अधिकारियों तक पहुँचाएँ। साथ ही यह भी कहा गया कि होर्मुज से भारत आने वाले जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने की प्रक्रिया जल्द से जल्द फिर से शुरू की जाए।”
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ईरान के राजदूत ने आश्वासन दिया कि वे भारत की इन सभी बातों को अपने देश के अधिकारियों तक पहुँचाएँगे।
Our statement regarding Iran ⬇️
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) April 18, 2026
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाकाबंदी के ऐलान से नाराज ईरान ने एक बार फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपना नियंत्रण स्थापति कर लिया है और आवाजाही रोक दी है। शनिवार दोपहर को होर्मुज से गुजर रहे दो भारतीय व्यापारी जहाजों पर अचानक गोलीबारी की गई। इन जहाजों में एक तेल टैंकर भी शामिल था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी सेना की दो गनबोट्स जहाजों के पास पहुँचीं और बिना किसी चेतावनी के फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के बाद दोनों भारतीय जहाजों ने हॉर्मुज को पार करने की बजाय वापस लौटने का फैसला किया। हालाँकि, इस घटना में किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ और सभी जहाज तथा उनके चालक दल पूरी तरह सुरक्षित हैं।

