झारखंड के रांची में पत्रकारों के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद अब मामला केवल एक घटना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है।
रांची में स्थित रांची प्रेस क्लब में पत्रकारों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि अगर सत्ता के सामने सवाल पूछने पर इस तरह की हिंसा होगी, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।
पत्रकारों के साथ हुए अपमान पर मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM अब तक मौन क्यों हैं?
— Babulal Marandi (@yourBabulal) April 29, 2026
कल स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की मौजूदगी में एक पत्रकार के साथ मारपीट की घटना सामने आई। चिंताजनक बात यह है कि कुछ ही घंटों बाद मुख्यमंत्री ने इरफान अंसारी को अपने बगल में खड़ा रखकर पत्रकारों को… pic.twitter.com/XBwWfKvXfA
प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों ने सरकार से स्पष्ट कार्रवाई की माँग की है और चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सख्त कदम नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है।
पत्रकारों का आरोप है कि सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया न आना गलत संदेश दे रहा है, जिससे पत्रकारों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता है। मंगलवार (28 अप्रैल 2026) को हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में इरफान अंसारी पीड़ितों से मिलने पहुँचे थे।
इसी दौरान न्यूज18 के पत्रकार सुशांत सोनी ने मुआवजे को लेकर सवाल पूछा, जिस पर मौजूद समर्थक भड़क गए और पत्रकार के साथ मारपीट की। Viral Video में भीड़ द्वारा पत्रकार को घेरकर पीटते हुए देखा जा सकता है, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

