दिल्ली में हिंदू विरोधी दंगों की साजिश के आरोपित उमर खालिद को दिल्ली HC से बड़ी राहत मिली। कोर्ट ने शुक्रवार (22 मई 2026) को उमर खालिद को तीन दिनों की अंतरिम जमानत दे दी है।
यह जमानत खालिद को अम्मी के इलाज और ऑपरेशन के दौरान अस्पताल जाने के लिए मिली है। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने इंसानियत के नाते यह फैसला सुनाया। उमर खालिद 1 जून से 3 जून तक जेल से बाहर रहेगा।
अदालत ने जमानत के साथ कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं। उमर खालिद को 1 लाख रुपए का पर्सनल बॉन्ड और मुचलका भरना होगा। वे इस दौरान केवल दिल्ली-NCR में ही रह सकते हैं। उन्हें अपने तय पते पर ही रुकना होगा।
उमर खालिद अस्पताल के अलावा किसी भी दूसरी जगह नहीं जा सकेंगे। उनके पास सिर्फ एक ही मोबाइल नंबर रखने की इजाजत होगी। बता दें कि उमर खालिद ने अम्मी के ऑपरेशन और अपने दिवंगत चाचा की रस्मों में शामिल होने के लिए 15 दिनों की जमानत माँगी थी।
दिल्ली पुलिस ने इस अर्जी का विरोध किया था। सरकारी वकील का कहना था कि ऑपरेशन छोटा है और देखभाल के लिए परिवार में पाँच बहनें हैं। हालाँकि, कोर्ट ने माँ के ऑपरेशन को देखते हुए तीन दिन की राहत दे दी।
उमर खालिद को सितंबर 2020 में यूएपीए (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया गया था। वे अभी भी नियमित जमानत मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

