पहलगाम आतंकी हमले में इस्तेमाल फोन पाकिस्तानी, कराची के बैंक से जुड़े मिले लिंक: 4 साल बंद रहने के बाद हुए थे एक्टिव, जानें NIA ने और क्या बताया

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए आतंकी हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया है। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) और J&K पुलिस की जाँच में सामने आया है कि हमले में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन में से एक चार साल पहले पाकिस्तान में मँगाया गया था और तब से लेकर हमले से ठीक पहले तक कभी इस्तेमाल ही नहीं किया गया।

पाकिस्तान ने मंगवाई थी रेडमी 9T फोन की पूरी खेप

पहलगाम आतंकी हमले में शामिल आतंकियों के पास Xiaomi Redmi सीरीज के दो फोन थे। इनमें एक Redmi 9T और दूसरा Redmi Note 12 था। ये दोनों फोन 28 जुलाई 2025 को डाचीगाम वन क्षेत्र के मुलनार महादेव इलाके में मारे गए आतंकियों फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी से बरामद किए गए थे।

जाँच में सामने आया कि Redmi 9T फोन कराची स्थित टेक सिरात प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी द्वारा 2021 में पाकिस्तान आयात की गई एक खेप का हिस्सा था। Xiaomi Global से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह खेप 1 जनवरी 2021 को पाकिस्तान पहुँची थी।

दस्तावेजों में इस खेप के वित्तपोषण (Funding) और लॉजिस्टिक्स से कराची स्थित फैसल बैंक का नाम जुड़ा मिला है। अधिकारियों का मानना है कि यह फोन खेप से अलग कर आतंकियों तक पहुँचाया गया। साल 2021 और 2023 में खरीदे गए ये फोन कई साल तक बिल्कुल बंद रहे और पहलगाम आतंकी हमले के दौरान ही ये पहली बार एक्टिव किए गए।

आतंकी हमलों में पहले भी सामने आया है फैसल बैंक का नाम

जाँच एजेंसियों के मुताबिक, फिलहाल फैसल बैंक की पहलगाम हमले में प्रत्यक्ष भूमिका के कोई सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन बैंक का नाम आतंकी फंडिंग से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। वर्ष 2007 में प्रकाशित एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में दावा किया गया था कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और लजनत-अल-दावा के खाते कभी फैसल बैंक में मौजूद थे।

उस समय बैंक प्रबंधन ने किसी भी प्रकार के आतंकी संबंध से इनकार करते हुए कहा था कि प्रतिबंधित संगठनों के खातों को नियमानुसार फ्रीज कर दिया गया था। जाँच एजेंसियाँ अब उन पुराने दस्तावेजों और रिपोर्टों की भी समीक्षा कर रही हैं जिनमें पाकिस्तान के कई प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के विभिन्न बैंकों में खाते होने का उल्लेख किया गया था।

दूसरे फोन से मिले फोटो और नक्शे, रेडियो सिस्टम से करते थे संपर्क

जाँच में बरामद दूसरा फोन Redmi Note 12 था, जिसे लाहौर स्थित एयर लिंक कम्युनिकेशंस लिमिटेड द्वारा पाकिस्तान में आयात किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, यह फोन भी लंबे समय तक निष्क्रिय रहा और हमले से ठीक पहले सक्रिय किया गया।

सुरक्षा एजेंसियों को इन मोबाइल फोनों से सामान्य कॉल या इंटरनेट संचार का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला, क्योंकि आतंकी मोबाइल नेटवर्क या इंटरनेट के बजाय लंबी दूरी की रेडियो संचार तकनीक का इस्तेमाल कर रहे थे। इससे वे बिना डिजिटल ट्रेल छोड़े संपर्क बनाए रखने में सफल रहे।

हालाँकि जाँचकर्ताओं ने दोनों फोनों से कुछ तस्वीरें और नक्शे बरामद किए हैं। इनमें पहलगाम के बैसरन मैदान और आसपास के इलाकों की तस्वीरें शामिल हैं। एक तस्वीर में 30 मार्च 2025 को लगाया गया एक टेंट दिखाई देता है, जिसे हमले से कई सप्ताह पहले आतंकियों ने पहाड़ी क्षेत्र में स्थापित किया था।

जाँच एजेंसियों का मानना है कि यह स्थान रणनीतिक रूप से चुना गया था ताकि सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।