पश्चिम बंगाल में राजनीतिक पारा अचानक चढ़ गया है। तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए अपने दो मौजूदा विधायकों, ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
ऋतब्रत बनर्जी जहाँ उलुबेरिया पूर्व विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, वहीं संदीपान साहा एंटाली सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि दोनों नेता लंबे समय से अनुशासनहीनता के घेरे में थे।
Two Trinamool Congress MLAs, Sandipan Saha and Ritabrata Banerjee, expelled for anti-party activities pic.twitter.com/kVCC85aR6z
— Press Trust of India (@PTI_News) June 1, 2026
इस घटनाक्रम के पीछे नबन्ना में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस है, जिसमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक बड़ा खुलासा किया था। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से बयान देते हुए कहा, “विधायक संदीपान साहा और ऋतब्रत बनर्जी ने लिखित शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि उनके हस्ताक्षरों की जालसाजी की गई है। इन गंभीर शिकायतों के आधार पर प्रशासन द्वारा एक उच्च-स्तरीय जाँच शुरू कर दी गई है।”
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद पुलिस प्रशासन ने तुरंत एफआईआर दर्ज कर मामले की जाँच तेज कर दी। इसके कुछ ही समय बाद टीएमसी नेतृत्व ने दोनों विधायकों को निष्कासित करने का आधिकारिक फरमान जारी कर दिया। दरअसल, ऋतब्रत बनर्जी पिछले कुछ दिनों से पार्टी की कार्यप्रणाली पर लगातार गंभीर सवाल खड़े कर रहे थे, जिससे आलाकमान उनसे बेहद असंतुष्ट चल रहा था।
बनर्जी ने फाल्टा उपचुनाव के दौरान टीएमसी उम्मीदवार जहाँगीर खान द्वारा ऐन वक्त पर नामांकन वापस लेने की कोशिश पर खुलकर आपत्ति जताई थी और पूछा था कि पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की? इसके अलावा हाल ही में ऋतब्रत को दिल्ली में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से सीक्रेट मीटिंग करते भी देखा गया था।
बता दें कि संदीपन साहा भी उन साठ विधायकों में शामिल हैं जो ममता बनर्जी के कालीघाट आवास पर होने वाली बैठक में नहीं पहुँचे थे और बैठक को रद्द कर दिया गया था।

