‘ऑपरेशन सिंदूर’ के वक्त जिस एयर डिफेंस सिस्टम ने गिराए पाकिस्तान के 6 विमान, उसकी चौथी खेप भारत पहुँची: जानिए S-400 में क्या है खास

रूस से भारत को अत्याधुनिक S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की चौथी खेप भी मिल गई है। इसे समुद्री मार्ग से लाया गया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय इस एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तानी हमलों को एक-एक कर नाकाम कर दिया। पाकिस्तान का कोई भी मिसाइल भारत की सीमा में प्रवेश नहीं कर पाया।

2018 में रूस-भारत के बीच हुए 5 अरब डॉलर यानी करीब 35000 करोड़ रुपए के समझौते के तहत 5 स्वाड्रन की डिलीवरी होनी है, जिसमें से तीन पहले से ही भारत की सीमा की रक्षा में लगे हुए हैं। जल्द ही नई खेप की तैनाती चीन और पाकिस्तान बॉर्डर पर की जा सकती है।

एस-400 ऐसा एयर डिफेंस सिस्टम है, जो 400 किलोमीटर की दूरी तक दुश्मन के विमानों, मिसाइलों और ड्रोनों को मार गिराने में सक्षम है। इसके रडार 600 किलोमीटर दूर से ही दुश्मन के अदृश्य विमानों का भी पता लगा सकते हैं। इसके अलावा यह एक साथ कई निशाने लगा सकता है, यह इसकी खासियत है यानी यह एक समय में 300 से अधिक लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है और 36 निशानों पर एक साथ मिसाइल दागने की क्षमता रखता है। इसे मिसाइल शील्ड और भारत का सुदर्शन चक्र भी कहा जाता है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के वक्त एस 400 यानी ‘सुदर्शन चक्र’ का कमाल देखने को मिला। ये अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली भारत की रणनीति का अहम हिस्सा था। इसमें पाकिस्तानी ड्रोन, मिसाइल हमले को विफल किया। यह भारत के लिए सिर्फ हथियार नहीं है, बल्कि महाबली है, जो एक साथ 36 मिसाइल छोड़ सकता है। इसे कहीं भी भेजना अपेक्षाकृत आसान है, क्योंकि इसे बड़े व्यावसायिक ट्रक पर ढोया जा सकता है। इतना ही नहीं यह सिस्टम माइनस 50 डिग्री से माइनस 70 डिग्री तापमान में भी आसानी से काम करता है। इसकी कोई फिक्स पोजिशन नहीं होती इसलिए दुश्मन द्वारा ट्रेस कर पाना काफी मुश्किल है।