पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर भारत ने पाकिस्तान पर फेक न्यूज और भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम इस मामले में पाकिस्तान की तरफ से फेक न्यूज और वीडियो फैलाने का सिलसिला देख रहे हैं। यह पाकिस्तान की अपनी नाकामियों को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान भटकाने की एक हताश कोशिश है।”
जायसवाल ने आगे कहा, “पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पुलिस की बर्बरता की खबरें आ रही हैं, जिसमें कई लोग मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं। हमें उम्मीद है कि अंतराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके गलत कामों और मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए जवाबदेह ठहराएगा।”
PoK में प्रदर्शनकारी स्थानीय प्रशासन और पाकिस्तान सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतर रहे हैं। हालात तब और बिगड़ गए जब सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की। पाकिस्तान का दावा है कि प्रदर्शन हिंसक हो गए थे और सुरक्षाबलों पर हमले किए गए, जबकि प्रदर्शनकारी पक्ष इसे दमनात्मक कार्रवाई बता रहा है।
पिछले कुछ समय से जारी इन हिंसक प्रदर्शनों और सुरक्षाबलों की सीधी गोलीबारी में अब तक 120+ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों पर आँसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठियाँ बरसाई गईं, जिसके जवाब में प्रदर्शनकारियों ने भी पथराव किया।

