कॉन्ग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से झटका, नामांकन रद्द करने के खिलाफ याचिका खारिज: अदालत बोली- चुनावी प्रक्रिया में दखल नहीं दे सकते

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश से कॉन्ग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपना राज्यसभा नामांकन रद्द किए जाने को चुनौती दी थी। कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 329 का हवाला देते हुए इस मामले में सीधे दखल देने से इनकार कर दिया।

हालाँकि, अदालत ने उन्हें ‘इलेक्शन पिटीशन’ (चुनाव याचिका) दायर करने की छूट दी है। जानकारी के अनुसार, रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने 9 जून को मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया था।

आरोप था कि उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में तेलंगाना की एक अदालत में दर्ज निजी शिकायत की जानकारी छिपाई थी। मीनाक्षी नटराजन के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि कानूनन सिर्फ उन्हीं मामलों को बताना जरूरी होता है जिनमें आरोप तय हो चुके हों, लेकिन कोर्ट ने इस तकनीकी दलील को स्वीकार नहीं किया

कोर्ट ने क्यों नहीं दी राहत?

जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एएस चंदुलकर की बेंच ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के बीच में कोर्ट इस तरह की रिट याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकता। अगर सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट ऐसे मामलों में सीधे दखल देने लगेंगे, तो यह संविधान के नियमों के खिलाफ होगा। इस फैसले के बाद अब मीनाक्षी नटराजन को कानूनी राहत के लिए चुनाव न्यायाधिकरण का रुख करना होगा।