गुजरात सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्यभर में अन्नपूर्णा ग्रेन ATM योजना का विस्तार करने का फैसला किया है। भावनगर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किए गए ग्रेन ATM को मिली सफलता के बाद अब राज्य के सभी 34 जिलों में ऑटोमेटेड अनाज वितरण मशीनें स्थापित की जाएँगी।
इसके लिए वर्ष 2026-27 के बजट में ₹10 करोड़ का प्रावधान किया गया है और योजना को प्रशासनिक मंजूरी भी मिल चुकी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार, इन ग्रेन ATM को सरकारी गोदामों और अन्य निर्धारित स्थानों पर लगाया जाएगा।
एक ग्रेन ATM की स्थापना पर लगभग ₹47.50 लाख खर्च किए जाएँगे, जिसमें ₹40 लाख मशीन की खरीद और ₹7.50 लाख भवनों में आवश्यक बदलाव व अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च होंगे। योजना के तहत लाभार्थियों की पहचान केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के माध्यम से की जाएगी।
साथ ही पूरी व्यवस्था को मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से भी जोड़ा जाएगा, जिससे इसकी निगरानी और संचालन पर नजर रखी जा सके। गुजरात स्टेट सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन लिमिटेड मशीनों में पर्याप्त मात्रा में अनाज उपलब्ध कराएगा। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद राशन कार्ड धारक अपनी सुविधा के अनुसार 24 घंटे किसी भी समय गेहूँ और चावल प्राप्त कर सकेंगे।

