मेजबान अमेरिका ने लॉस एंजेलिस के सोफी स्टेडियम में 70 हजार से अधिक घरेलू दर्शकों के सामने पैराग्वे को 4-1 से हराकर अपने फीफा विश्व कप 2026 अभियान की धमाकेदार शुरुआत की है। ग्रुप डी के इस मैच में उनका मुकाबला था पैराग्वे की टीम से। पैराग्वे जो नवीं दफा फीफा विश्व कप में खेलने जा रही थी।
इस दफा अमेरिकी फ़ुटबॉल टीम का संपूर्ण दारोमदार युरोपीयन फुटबॉल जगत में बेहद मशहूर कोच/मैनेजर ‘मारियो पोच्चेटीनो’ के सक्षम हाथों में है। पोच्चेटीनो को अपेक्षाकृत छोटी टीमों के संग भी बड़े क्लबों के विरुद्ध उनकी बारीक रणनीतियों को मैदान में सफलतापूर्वक आकार देने के लिए जाना जाता है।
सत्तर हजार घरेलू दर्शकों के अपार समर्थन के मध्य अमेरिकी टीम ने बेहद ही शानदार फुटबॉल खेली। उन्होंने मैच के पहले मिनट से ही विरोधी टीम के गोलपोस्ट के आसपास कई घातक मूव्स बनाए। कभी यूरोपीयन जाएंट्स ‘चेल्सी’ के लिए खेल चुके व फिलहाल ‘एसी मिलान’ के लिए खेल रहे ‘क्रिश्चियन पुलिसिच’ मैदान की बांई फ्लैंक से लगातार साथी खिलाड़ियों के लिए गोल स्कोर करने के मौके बना रहे थे। पैराग्वे को भनक भी न थी की अमेरिकी टीम ऐसी फुटबॉल भी खेल सकती है।
अमेरिकी टीम के आक्रामक खेल के चलते मैच के सातवें मिनट में ही ‘वेस्टन मैक्केनी’ के शॉट को रोकने के प्रयास में पैराग्वे के ‘बोबाडिल्ला’ एक आत्मघाती गोल कर बैठे। फिर तो अमेरिकी टीम ने लगातार विरोधी गोलपोस्ट की दिशा में आक्रमण करना शुरू कर दिया। वर्तमान में फ्रेंच फुटबॉल क्लब मोनाको के सेंट्रल फॉरवर्ड, चौबीस वर्षीय, ‘बालोगन’ ने मैच के इकत्तीसवें व ’45+5′ मिनट में दो शानदार गोल दाग अमेरिका को मैच के पहले हाफ में ही 3-0 से बढ़त दिला दी। मैच के दूसरे हाफ में मानो अमेरिकी लड़ाकों ने अपने घातक टैंकों के गियर से पैर हटा लिया हो।
पैराग्वे फिर भी पहले हाफ में हुए हमलों से उबर ही न सका। मैच के अंतिम क्षणों में ‘जियोवानी राएना’ ने इस टूर्नामेंट में अबतक का सबसे बेहतरीन गोल दाग स्कोर 4-1 कर दिया, जो अंतिम व्हिस्ल बजने तक समान ही रहा। मैच में क्रिश्चियन पुलिसीच की कलात्मकता व बालोगन के दो बेहतरीन गोलों ने सोफी स्टेडियम में दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। ‘जियोवानी राएना’ ने लामीन यमाल के अंदाज में ‘त्रिवेला’ किक लगा जो मैच के अंतिम क्षणों में गोल दागा, वह चैरी ऑन द केक सरीखा था।

विश्व कप का आगाज़ सही मायनों में चुका है। पिछले चार वर्षों से जो धरा बारूद के ढर्रे पर बैठी हुई है उसे फिर मुस्कुराने की वजह मिल गई है। मेजबान देशों अमेरिका, कनाडा व मेक्सिको, खासकर मेक्सिको व कनाडा में विश्व भर से फुटबॉल प्रेमी पहुँच चुके हैं और खेल का आनंद ले रहे हैं। मेक्सिको ने तो अपने सेवा भाव से तमाम आगंतुकों का दिल जीत लिया है।
टूर्नामेंट के पहले दिन मेजबान मेक्सिको ने ओपनिंग मैच में, राउल जिमिनेज़ के बेहतरीन गोल की बदौलत, दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हराया था और दक्षिण कोरिया ने संपूर्ण टीम के शानदार खेल की बदौलत चेक-रिपब्लिक को 2-1 से मात दी थी।
अब है टूर्नामेंट का पहला वीकेंड। अब धीरे-धीरे बड़ी टीमें भी मैदान में उतरेंगी। रोमांच अपने चरम पर होगा। शनिवार (13 जून 2026) की रात होंगे दो मुकाबले। भारतीय समयानुसार रात साढ़े बारह बजे ग्रुप बी की दो टीमें, कतर व स्विट्जरलैंड, आपस में भिड़ने जा रही हैं। वहीं रात साढ़े तीन बजे होगा एक ऐसा महासंग्राम, जिसपर निश्चित ही आपकी नजर बनी रहनी चाहिए। ग्रुप सी में पिछले विश्व कप के ‘जाएंट किलर्स’ मोरक्को का सामना होने जा रहा है ब्राजील से। ग्रुप स्टेज के सबसे बड़े मैचों में एक इस मैच का सभी को इंतजार था।
विनीसीयूस जूनियर, राफिन्हा, ऐलीसन, मार्क्विन्हॉस, कासेमीरो, मार्टेनेली, कुन्हा, गुईमराएज़, पाक्वेता आदि सितारा खिलाड़ियों से सजी ब्राजीली टीम कोच ‘कार्लो एन्सिलोटी’ के मार्गदर्शन में एक दफा फिर घातक दिखने लगी है। कोच एन्सिलोटी ने इस टीम पर काफी काम किया है। हांलांकि, नेमार, द प्रिंस हू नेवर बिकेम द किंग, घायल हैं और इस मैच का हिस्सा नहीं होंगे।
वहीं मोरक्को को एक सूपरपॉवर बनाने वाले उनके कोच ‘वालिद रेग्रागुई’ अब उनका नेतृत्व नहीं कर रहे हैं। फिर भी मोरक्को एक ऐसी टीम है जिसे आप कम तर नहीं आँक सकते। वो सदैव मैदान में अपना सर्वस्व न्योछावर कर देते हैं। हाकीमी के नेतृत्व में बोनू, अमराबात और माज़ारूई जैसे खिलाड़ियों से लैस मोरक्को जरूर आज रात बड़ा शिकार करने के लिए आतुर होगी।
मेटलाइफ स्टेडियम में होने जा रहे इस मुकाबले पर आपकी नजर बनी रहनी चाहिए। आगे खेल के इस रोचक महाकुंभ की बातें चलती रहेंगी। आप भी अब जहाँ कहीं भी हों, अपनी तमाम उलझनों को कुछ दिन भूल कर, इस महासम्मेलन के उन्माद में गोते लगाइए।


