RSS के दफ्तर पर अटैक का निकला पाकिस्तानी कनेक्शन, ISI ने सोशल मीडिया पर दिया था बम फेंकने का टास्क: राँची पुलिस ने 4 को दबोचा, UAPA लगा

झारखंड की राजधानी रांची में RSS के दफ्तर पर हुए पेट्रोल बम हमले में अब 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इस हमले के तार सीधे तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े मिले हैं। जाँच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों को ISI ने सोशल मीडिया के जरिए इस हमले का टास्क दिया था।

जानकारी के अनुसार, आरोपितों ने 16 जून की आधी रात को रांची के निवारणपुर स्थित संघ कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंके थे। इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित ट्रेन से दिल्ली भागने की फिराक में थे। रांची पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत अलर्ट जारी किया।

इसके बाद जाँच टीम ने आरोपितों को बिहार के गया रेलवे स्टेशन से उस समय धर दबोचा जब वे भागने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने इस मामले में मुख्य हमलावरों समेत कुल 4 को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए तीनों मुख्य आरोपित झारखंड के ही रहने वाले हैं। इनमें से एक रांची का और दो लोहरदगा के निवासी हैं।

CCTV कैमरे में कैद हुई पूरी साजिश और वीडियो बनाने का सच

हमलावरों ने इस पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए बकायदा इलाके की रैकी की थी। दफ्तर के बाहर लगे CCTV फुटेज से पता चला कि 2 लड़के पैदल चलकर संघ कार्यालय के पास आकर रुकते हैं। उनके हाथ में पेट्रोल से भरी शीशे की बोतलें साफ दिखाई पड़ रही है।

हमलावरों ने चौंकाने वाली हरकत की थी, जब एक आरोपित लाइटर से बोतल के पलीते में आग लगाकर दफ्तर की तरफ फेंक रहा था, तब उसका दूसरा साथी इस पूरी घटना का वीडियो मोबाइल से रिकॉर्ड कर रहा था। बम फेंकने के तुरंत बाद दोनों आरोपित मौके से फरार हो गए।

कार्यालय को आग के हवाले करने का प्लान

बम निरोधक दस्ते (BDS) ने जाँच में पाया कि बोतलों में पेट्रोल की मात्रा बहुत अधिक थी। हमलावरों का असली मकसद पूरे दफ्तर को आग के हवाले करना था। घटना के वक्त संघ कार्यालय के अंदर करीब 20 लोग मौजूद थे।

गनीमत रही कि पेट्रोल बम दफ्तर के अंदर सही जगह नहीं गिरे, वरना कई लोगों की जान चली जाती। शुरुआती जाँच में यह भी सामने आया कि आरोपित अभी पूरी तरह से पेट्रोल बम बनाने में एक्सपर्ट नहीं थे। पुलिस को मौके से बम बनाने का कच्चा माल भी बरामद हुआ है।

ISI का शहजाद भट्टी मॉड्यूल

इस हमले में पाकिस्तानी कनेक्शन सामने आने के बाद अब जाँच एजेसियाँ इसे आतंकी साजिश के तौर पर देश रही हैं। अंदेशा जताया जा रहा है कि इसके पीछे ISI समर्थित ‘शहजाद भट्टी मॉड्यूल’ का हाथ हो सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पकड़े गए आरोपितों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया गया है।

हमलावरों पर भारतीय न्याय संहिता के साथ-साथ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और कड़े आतंकवाद विरोधी कानून ‘UAPA’ की धाराएँ लगा गई हैं। इन धाराओं के लगने के बाद अब आरोपितों को जमानत मिलना मुश्किल है। मामले की गहराई से जाँच के लिए SIT का गठन किया गया है और जल्दी ही इसमें NIA की भी एंट्री हो सकती है।