हमारी सरकार ने माफिया को मिट्टी में मिलाकर बुंदेलखंड को एक्सप्रेस-वे से जोड़ा: CM योगी, महोबा में ₹697+ करोड़ के 88 प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण-शिलान्यास

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार (21 जून 2026) को महोबा दौरे पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने 697 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 88 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के सांस्कृतिक गौरव, जल संरक्षण, औद्योगिक विकास, पर्यटन और रक्षा क्षेत्र की संभावनाओं को लेकर कई घोषणाएँ कीं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गोरखगिरि में 12 वर्षों बाद भगवान भोलेनाथ के दर्शन भी किए। अपने संबोधन में उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि नकारात्मक सोच रखने वाले लोग प्रदेश के विकास और बदलाव को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।

विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहा महोबा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महोबा केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का केंद्र नहीं बल्कि भविष्य की संभावनाओं की धरती भी है। उन्होंने गोरखगिरि क्षेत्र को एडवेंचर टूरिज्म के रूप में विकसित करने और यहाँ रोपवे निर्माण की योजना का जिक्र किया।

साथ ही महोबा महोत्सव के आयोजन, राष्ट्रीय से जिला स्तर तक प्रतियोगिताओं और आल्हा-ऊदल के शौर्य से जुड़े अखाड़ों के निर्माण की बात कही। उन्होंने कहा, “गोरखगिरी एडवेंचर टूरीज्म बने, महोबा को पहचान दें, यहाँ निकलने वाले पत्थर को पहचान दें। यह सिर्फ नींव नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका का निर्वहन करता है।”

सीएम ने महोबा के ग्रेनाइट उद्योग और यहाँ की मिट्टी की विशेषता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र वीरता, संस्कृति और उत्पादन की परंपरा को आगे बढ़ाने वाला क्षेत्र रहा है। उन्होंने देसावरी पान को मिली जियो टैग पहचान को भी क्षेत्र की उपलब्धि बताया।

माफिया को मिट्टी में मिलाकर बुंदेलखंड को दी नई पहचान: CM योगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक बुंदेलखंड को पिछड़ेपन और संकटों से जोड़ा जाता रहा, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के साथ क्षेत्र को आधुनिक बुनियादी ढाँचे से जोड़ा है।

उन्होंने कहा, “बुन्देलखंड को बदनाम किया गया था। यहाँ पर भू और खनिज माफिया हावी थे। माफिया को मिट्टी मे मिलाकर बुंदेलखंड को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने का काम हमारी सरकार ने किया है।” सीएम ने बताया कि अर्जुन सहायक परियोजना को वर्ष 2021 में पूरा कराया गया और हर घर जल योजना के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में पानी पहुँचाया गया।

उन्होंने चंदेल कालीन जल संरचनाओं को प्रेरणा बताते हुए तालाबों के संरक्षण और सिल्ट हटाने के अभियान में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में जल संकट का स्थायी समाधान होगा। इसके अलावा मझगवां, चिल्ली स्प्रिंकलर और रतौली बांध जैसी योजनाओं पर भी कार्य जारी है।

रक्षा उत्पादन और उद्योग को लेकर बड़ा विजन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड को रक्षा उत्पादन का उभरता केंद्र बनाने की दिशा में सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर और उससे जुड़े औद्योगिक निवेश क्षेत्र को नई पहचान देंगे। उन्होंने कहा, “यहाँ की बनी ब्रह्मोस मिसाइल जब ऑपरेशन सिंदूर में मिसाइल दागी तो पाकिस्तान घबड़ाने लगा।”

उन्होंने आगे कहा कि सरकार चाहती है कि महोबा, चित्रकूट, हमीरपुर और झाँसी जैसे जिलों में औद्योगिक क्लस्टर विकसित हों ताकि रोजगार और निवेश दोनों बढ़ें। साथ ही उन्होंने कहा कि कबरई बांध के लिए भूमि देने वाले किसानों को लंबित मुआवजा उनकी सरकार ने उपलब्ध कराया है।

विपक्ष पर हमला, सुशासन और सामाजिक योजनाओं का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “जो लोग कब्जा करने की प्रवृत्ति रखते हैं और समाज में नकारात्मकता फैलाते हैं, उनकी सोच और मानसिकता दूषित होती है। ऐसे लोगों की आत्मा और बुद्धि मलिन हो चुकी है, इसलिए वे विकास और सकारात्मक परिवर्तन को स्वीकार नहीं कर पाते।”

सीएम ने कहा कि पहले प्रदेश में उत्सवों से पहले उपद्रव की स्थिति बनती थी, व्यापार और महिलाओं की सुरक्षा चिंता का विषय थी, लेकिन अब सरकार सुरक्षा और सुशासन को प्राथमिकता दे रही है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि महोबा की पहचान उसकी विरासत, पर्यटन, उद्योग और सांस्कृतिक शक्ति के साथ आगे बढ़ेगी और सरकार साथ खड़ी है।