किसी के हाथ में ध्रुव राठी का पोस्टर तो कोई लगा रहा आजादी के नारे, आपस में ही बहसबाजी… फुटेज खाने के लिए अलग-अलग तिकड़म भिड़ा रहे तिलचट्टे

दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बार फिर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तिलचट्टे सड़कों पर उतरे। छात्रों की माँगों के नाम पर प्रदर्शन का दावा करने वाले ये तिलचट्टे छात्रों की माँगों को भूल सिर्फ राजनीतिक प्रोपेगेंडा करते नजर आए। प्रदर्शन के दौरान कहीं ध्रुव राठी के पोस्टर दिखे तो कहीं आजादी-आजादी के नारे और ऐसे में जिन छात्रों की बात करने का यह दल दावा करता है वो कहीं पीछे छूट गई। ऑपइंडिया के रिपोर्टर इस प्रर्दशन को कवर करने के लिए मैदान में उतरे लेकिन उन्हें जो दिखा वो प्रदर्शन नहीं बल्कि राजनीतिक प्रोपेगेंडा ही था।

इस प्रदर्शन के दौरान उस्मान अली नाम के एक तिलचट्टे के नाम से प्रोपेगेंडाबाज यूट्यूबर ध्रुव राठी के पोस्टर बाँटे गए। खास बात ये रही कि जिन तिलचट्टों ने ये पोस्टर पकड़ा हुआ था, उन्हें खुद नहीं पता था कि इस पोस्टर का विषय क्या है। इस पोस्टर पर लिखा था, “आज पर्दाफाश हो चुका है, जनता जाग चुकी है। इनका बचना नामुमकिन है।”

प्रदर्शन के दौरान एक बार फिर वामपंथियों का डफली गैंग एक्टिव नजर आया। इस दौरान SFI के आंदोलनजीवी डफली लेकर ‘आजादी-आजादी’ के नारे लगाते दिखे।

पिछले प्रदर्शन के दौरान फूल देकर कूल रहने की बात करने वाले AAP के पूर्व नेता और CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके की बात भी इस बार उसके तिलचट्टों ने नहीं मानी। प्रदर्शन के दौरान एक तिलचट्टा वहाँ मौजूद एक बुजुर्ग के साथ बदतमीजी करता दिखा। बुजुर्ग के साथ कॉकरोच की बहस का वीडियो आप नीचे देख सकते हैं।

प्रदर्शन के दौरान एक बड़ा कॉकरोचों भी पहुँचा। खुद को प्रदर्शन में शामिल बता रहा आमिर अहमद कैमरे पर बता ही नहीं पाया कि वो इस प्रदर्शन में कर क्या रहा है। इस प्रदर्शन में एक शामिल एक अन्य शख्स से उससे पूछा कि शिक्षा मंत्री का क्या नाम है तो आमिर वो भी नहीं बता सका। यह बातचीत आप इस वीडियो में देख सकते हैं।

कुल मिलाकर देखें तो यह प्रदर्शन कोई माँग को पूरी करने वाला या किसी मुद्दे को उठाना वाला प्रदर्शन नहीं रह गया है। बस यह कॉन्टेंट का प्रदर्शन हो गया है, 4 लोग आते हैं, 4 बातें करते हैं, वीडियो बनाते हैं और प्रोपेगेंडा फैलाकर चले जाते हैं। अभिजीत दिपके या उसकी तिलचट्टी सेना को ना छात्रों से कुछ लेना-देना है और ना उनके भविष्य से।