अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर दिल्ली के आसोला-भाटी वन्यजीव अभयारण्य (Asola-Bhatti Wildlife Sanctuary) स्थित नीली झील में विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी हिस्सा लिया और प्रकृति के बीच योग कर लोगों को स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
आज 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आसोला-भाटी में नीली झील किनारे सैकड़ों योग साधकों के साथ योगाभ्यास किया। इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवन का संदेश देती है।
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) June 21, 2026
दिल्ली को स्वस्थ, सक्रिय और तनावमुक्त बनाने की दिशा में योग एक महत्वपूर्ण… pic.twitter.com/eqe8f7MtU4
सुबह आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। हरियाली, पहाड़ियों और नीली झील के खूबसूरत वातावरण के बीच योग करने का अनुभव प्रतिभागियों के लिए खास रहा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन को भी शांत और संतुलित बनाता है। उन्होंने लोगों से योग को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने की अपील की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आसोला-भाटी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के बीच मौजूद यह इलाका लोगों को प्रकृति के करीब आने का अवसर देता है। नीली झील और आसपास का वन क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण के महत्व को भी दर्शाता है।
आसोला-भाटी वन्यजीव अभयारण्य की शांत हरियाली के बीच बिताए कुछ पल प्रकृति के साथ हमारे आत्मीय संबंध का एहसास कराते हैं।
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) June 21, 2026
प्रकृति का संरक्षण, जैव विविधता का संवर्धन और हरित परिवेश का विस्तार, विकसित और स्वस्थ दिल्ली के निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं।#ViksitDelhi pic.twitter.com/nfcvR7QQNh
कार्यक्रम के दौरान योग प्रशिक्षकों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। लोगों ने खुले वातावरण में योग कर स्वास्थ्य और प्रकृति के बीच संबंध को महसूस किया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर आसोला-भाटी को चर्चा में ला दिया। प्राकृतिक सुंदरता और स्वास्थ्य के संदेश के साथ यह स्थान दिल्ली के प्रमुख इको-टूरिज्म स्थलों में अपनी पहचान और मजबूत करता नजर आया।

