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रामायण को ‘कार्टून’ कहा, ‘गोमूत्र’ का तंज कसा और आलोचकों को FIR से डराया: पढ़ें- कौन हैं TMC नेता नीलांजन दास, जिन्हें ममता बनर्जी के गढ़ में भीड़ ने पीटा

TMC में कई हिंदू-विरोधी नेता हैं। ममता बनर्जी खुद हिंदू काफिरों से लड़ने की बात कहती रही हैं। नीलांजन दास भी तृणमूल कॉन्ग्रेस के टॉप हिंदू-विरोधी नेताओं में शामिल हैं।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी द्वारा तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के 15 साल के ‘दमनकारी शासन’ को खत्म किए हुए दो महीने हो चुके हैं लेकिन TMC नेताओं के खिलाफ जनता का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी के बाद अब TMC नेता नीलांजन दास को भी बंगाल के लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8 जुलाई को कोलकाता के भवानीपुर इलाके में TMC आईटी सेल के प्रमुख और प्रवक्ता नीलांजन दास के साथ स्थानीय लोगों ने मारपीट की।

इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। इन वीडियो में नीलांजन को लोगों के एक समूह से घिरा हुआ देखा जा सकता है। वीडियो में कुछ लोग उन्हें पीटते और घसीटते हुए भी नजर आ रहे हैं। इस दौरान नीलांजन रोते और कई बार लोगों से गुहार लगाते दिखाई देते हैं। वीडियो में नाराज स्थानीय लोगों को नीलांजन दास के लिए ‘चोर-चोर’ कहते हुए सुना जा सकता है।

कोलकाता के भवानीपुर में नीलांजन दास के साथ हुई बदसलूकी राजनीतिक रूप से इसलिए भी अहम है क्योंकि यह इलाका TMC प्रमुख ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता है। जब दास एक पत्रकार से बात कर रहे थे, तो गुस्साई भीड़ ने उन्हें घसीटा। हालाँकि, एक पुलिस अधिकारी TMC नेता को वहाँ से सुरक्षित निकाल ले गए।

आलोचकों के खिलाफ FIR की धमकी देने से लेकर जनता के गुस्से का सामना करने तक: कौन हैं नीलांजन दास?

नीलांजन दास TMC के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। वे पार्टी के प्रवक्ता हैं और टीवी न्यूज डिबेट में नियमित रूप से दिखाई देते हैं। नीलांजन TMC के स्टेट जनरल सेक्रेटरी हैं और पार्टी के आईटी एवं सोशल मीडिया विंग के प्रमुख भी हैं।

टीएमसी नेता नीलांजन दास का रिकॉर्ड रहा है कि वे अपनी पार्टी या ममता बनर्जी की आलोचना करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की धमकी देते रहे हैं। नीलांजन दास को TMC की सांसद महुआ मोइत्रा का भी करीबी माना जाता है।

दिसंबर 2025 में नीलांजन दास ने लोकप्रिय X हैंडल ‘Befitting Facts’ चलाने वाले शशांक सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शशांक सिंह ने कोलकाता में ग्लोबल फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के दौरे के दौरान कथित बदइंतजामी को लेकर TMC सरकार की आलोचना करते हुए पोस्ट किए थे। इसी X यूजर ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ भी आलोचना करते हुए पोस्ट किए थे।

नीलांजन दास द्वारा 11 दिसंबर को साइबर शिकायत दर्ज कराने के बाद शशांक सिंह को गिरफ्तार किया गया था। शिकायत में ‘Befitting Facts’ और एक अन्य X यूजर शुभम पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर संसद के अंदर ई-सिगरेट पीने का आरोप लगाते हुए ‘फर्जी, मनगढ़ंत और मानहानिकारक पोस्ट’ शेयर किए थे।

नीलांजन दास ने अपनी शिकायत को X हैंडल पर शेयर करते हुए लिखा था, “बीजेपी आईटी सेल के मूर्खों @subhsays और @BefittingFacts के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है क्योंकि उन्होंने सांसद @MahuaMoitra के खिलाफ बेबुनियाद और मानहानिकारक ट्वीट किए।”

उस समय नीलांजन दास का X हैंडल भी सस्पेंड कर दिया गया था। इस साल अप्रैल में नीलांजन ने X यूजर के खिलाफ ममता बनर्जी का कार्टून पोस्ट करने को लेकर FIR दर्ज कराई थी।

जब एक X यूजर ने दास की इस उत्पीड़न करने वाली रणनीति की आलोचना करते हुए कहा कि ‘भारत एक लोकतंत्र है और TMC नेता को शर्म आनी चाहिए’ तो उन्होंने उस यूजर को ही धमकी दे डाली। इसके जवाब में नीलांजन दास ने लिखा, “4 मई के बाद आपको लोकतंत्र का असली रूप देखने को मिलेगा।”

दास जाहिर तौर पर BJP और उसके समर्थकों के खिलाफ TMC की चुनाव के बाद की हिंसक राजनीतिक बदले की कार्रवाई के बारे में बात कर रहे थे। हालाँकि, बंगाल के लोगों ने बीजेपी को शानदार जीत दिलाई और TMC को अपमानजनक हार दी।

पिछले कुछ वर्षों में नीलांजन दास ने ऑनलाइन धमकियों और FIR के जरिए TMC सरकार के कई आलोचकों को निशाना बनाया है। जून 2024 में कोलकाता की एक हाउसिंग सोसाइटी के लोगों को बीजेपी के पक्ष में वोट देने के लिए TMC सरकार द्वारा निशाना बनाया जा रहा था।

सेंट्रल कोलकाता के बेलेघाटा इलाके में स्थित ‘सनराइज हाइट्स’ के बाहर कचरा फेंका जा रहा था क्योंकि उस हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के 543 निवासियों ने TMC के खिलाफ वोट दिया था।

बेहद बेशर्मी दिखाते हुए नीलांजन दास ने हाउसिंग सोसाइटी के बाहर कचरा फेंकने की कार्रवाई को ‘बदला लेने का अहिंसक तरीका’ बताया था।

TMC में सायोनी घोष से लेकर ममता बनर्जी तक कई हिंदू-विरोधी नेता हैं। ममता बनर्जी खुद हिंदू काफिरों से लड़ने की बात कहती रही हैं। नीलांजन दास भी TMC के टॉप हिंदू-विरोधी नेताओं में शामिल हैं।

2020 में जब देश कोविड महामारी के कारण लॉकडाउन का पालन कर रहा था, तब नीलांजन दास ने X पर एक पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने हिंदू महाकाव्य रामायण को तंज कसते हुए कार्टून बताया था। उन्होंने ‘गोमूत्र’ वाला तंज भी कसा था।

2007 में दास ने एक X पोस्ट में वही बात दोहराई जो बात कॉन्ग्रेस कहती आई है। उन्होंने भगवान राम को भगवान ना मानते हुए एक कहा, “कौन से भगवान? रामायण महाकाव्य का एक पौराणिक पात्र।”

ऑनलाइन हिंदू-विरोध के अलावा, आलोचना करने वाली आवाजों के खिलाफ FIR की धमकियाँ देने और वैचारिक विरोधियों का अपमान करने का भी नीलांजन दास का रिकॉर्ड रहा है।

जुलाई 2025 में जब लोकप्रिय अभिनेत्री और BJP नेता रूपाली गांगुली ने तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासन की आलोचना की तो नीलांजन दास ममता बनर्जी के बचाव में उतर आए। हालाँकि, दास ने गांगुली की टिप्पणियों का जवाब नहीं दिया बल्कि उन्हें ‘फ्लॉप सोप अभिनेत्री’ कहकर खारिज कर दिया।

दास ने 19 जुलाई 2025 को लिखा, “भारत की सबसे वरिष्ठ महिला राजनेता को एक फ्लॉप सोप अभिनेत्री से लेक्चर लेने की जरूरत नहीं है। FO!”

अपने गुंडों जैसे व्यवहार को दिखाते हुए दास ने बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा पर एक लाइव टीवी डिबेट के दौरान वरिष्ठ सरकारी सलाहकार कंचन गुप्ता को ‘बूढ़ी चुड़ैल’ कहा था।

पश्चिम बंगाल में 4 मई के चुनाव नतीजों के बाद रिपोर्ट्स सामने आईं कि नीलांजन दास के खिलाफ कम से कम दो FIR दर्ज की गईं। एक FIR बंगाल के श्रीरामपुर में और दूसरी असम में दर्ज हुई थी। उस समय दास ने अपना X अकाउंट कुछ समय के लिए डीएक्टिवेट कर दिया था।

हैरानी की बात नहीं है कि सोशल मीडिया पर कई लोग कोलकाता में नीलांजन दास पर हुए हमले को ‘कर्मा’ बता रहे हैं क्योंकि आखिरकार वे अब उन्हीं धमकियों और डराने-धमकाने का सामना कर रहे हैं, जिनका इस्तेमाल वे वर्षों से अपनी पार्टी के आलोचकों के खिलाफ करते रहे थे।

(यह खबर मूल रूप से अंग्रेजी में लिखी गई है जिसे इस लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।)

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