राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में गुरुवार (9 जुलाई 2026) रात सुशांत लोक फेज-2 इलाके में पुलिस और कुख्यात दीपक नांदल गैंग के शूटरों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। करीब 60 राउंड चली गोलीबारी में गैंग के चार शूटर मारे गए जबकि एक गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती है।
इस मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस का कहना है कि बदमाश एक कारोबारी के घर पर रंगदारी के लिए फायरिंग करने पहुँचे थे और आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर ही गोलियाँ बरसाने लगे, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
रंगदारी की वारदात के दौरान पुलिस से हुई मुठभेड़
पुलिस के अनुसार, गुरुवार की रात कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि सुशांत लोक इलाके में एक संदिग्ध स्कॉर्पियो में कुछ हथियारबंद युवक घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की कई टीमें मौके पर रवाना हुईं। इसी दौरान जानकारी मिली कि आरोपित एक कारोबारी के घर पर फायरिंग कर रहे हैं।
#WATCH | ACP Sadar Dharamveer Singh says, "Information was received that some armed youths had been spotted; consequently, the police set up a blockade. During this time, we learned that they had opened fire at the residence of a businessman in Sushant Lok. Upon receiving this… https://t.co/28wSN89fiV pic.twitter.com/dNL9XBN9HQ
— ANI (@ANI) July 9, 2026
जाँच में सामने आया कि निशाने पर आए कारोबारी विशाल बेरी, SGT यूनिवर्सिटी के संस्थापक के बेटे हैं और उन्हें विदेश में बैठे एक वांछित गैंगस्टर की ओर से लंबे समय से रंगदारी की धमकियाँ मिल रही थीं। बदमाशों ने विशाल से कई करोड़ रुपए की रंगदारी माँगी थी।
रंगदारी न देने पर बदमाशों ने घर में घुसकर फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने विशाल बेरी को घर के भीतर बंधक बनाने की भी कोशिश की थी। इसके बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस को कॉल किया। पुलिस जैसे ही विशाल के घर पहुँची दोनों तरफ से फायरिंग शुरू हो गई।
सरेंडर की चेतावनी के बावजूद पुलिस पर बरसाईं गोलियाँ
क्राइम ब्रांच की टीम ने मौके पर पहुँचकर स्कॉर्पियो सवार आरोपितों को चारों तरफ से घेर लिया और कई बार आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। हालाँकि आरोपितों ने हथियार डालने के बजाय पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी और मौके से भागने का प्रयास किया। दोनों ओर से करीब 60 राउंड गोलियाँ चलीं।
इस दौरान तीन पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वाहन में सवार सभी पाँचों शूटर गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें तुरंत एक निजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने चार को मृत घोषित कर दिया, जबकि पाँचवें आरोपित का इलाज जारी है।
विदेशी हथियार बरामद, दीपक नांदल गैंग से जुड़े होने की आशंका
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से पाँच अत्याधुनिक विदेशी पिस्टल और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL), सीन ऑफ क्राइम यूनिट और अन्य जाँच एजेंसियों ने मौके का वैज्ञानिक निरीक्षण कर तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए। गुरुग्राम के डीसीपी (क्राइम) और डीसीपी (ईस्ट) भी घटनास्थल पर पहुँचे और जाँच की निगरानी की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मारे गए आरोपित विदेश से संचालित दीपक नांदल गैंग के शूटर बताए जा रहे हैं, जो कारोबारियों से रंगदारी वसूलने के लिए सक्रिय हैं। फिलहाल मृत और घायल आरोपितों की पहचान, उनके आपराधिक रिकॉर्ड तथा बरामद हथियारों की विस्तृत जाँच की जा रही है।

