अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती करने वाले 23 कर्मचारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा, जानें- क्या है वजह?

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बीच दान की गणना करने वाले 23 कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। कर्मचारियों के काम पर नहीं पहुँचने के कारण गुरुवार (9 जुलाई 2026) को केवल 13 गणनाकर्मियों से चढ़ावे की गिनती कराई गई। अचानक हुए इस घटनाक्रम से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, भारतीय स्टेट बैंक और कर्मचारियों की व्यवस्था करने वाली एजेंसी के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।

हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्तीफा देने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि पहले मंदिर में चढ़ावे की गणना दो शिफ्टों में होती थी। प्रत्येक कर्मचारी से करीब छह घंटे काम लिया जाता था। चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद कई कर्मचारियों को हटा दिया गया और सुरक्षा के मद्देनजर दोनों शिफ्टों का काम एक ही शिफ्ट में कर दिया गया। इसके बाद कर्मचारियों की ड्यूटी सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक, यानी नौ घंटे कर दी गई।

कर्मचारी का दावा है कि पहले सभी को 14,755 रुपए मासिक वेतन मिलता था लेकिन बाद में इसे घटाकर अलग-अलग कर दिया गया। किसी कर्मचारी को 8,000 रुपए तो किसी को 11,000 रुपए प्रतिमाह दिए जाने लगे। महीने में मिलने वाली छुट्टियों की संख्या भी कम कर दी गई है।

बुधवार शाम काम समाप्त होने के बाद कर्मचारियों ने एकजुट होकर इसका विरोध किया। उन्होंने काम के घंटे, वेतन और छुट्टियों की व्यवस्था पहले की तरह करने की माँग रखी। एसबीआई की तुलसी उद्यान शाखा के अधिकारियों और सैनिक सिक्योरिटी के सुपरवाइजर जयराम यादव से भी शिकायत की गई लेकिन माँगें स्वीकार नहीं हुईं। इसके बाद 23 कर्मचारियों ने हस्ताक्षरयुक्त सामूहिक इस्तीफा और मांगपत्र सौंप दिया।

गुरुवार सुबह इस्तीफा देने वाला कोई कर्मचारी काम पर नहीं पहुँचा तो बैंक, ट्रस्ट और एजेंसी के अधिकारी सक्रिय हो गए। बैंक के अनुसार केवल 13 कर्मचारियों ने गणना की जिससे काम प्रभावित हुआ है। नए कर्मचारियों की भर्ती की तैयारी है लेकिन चोरी के मामले के बाद पूरी तरह सत्यापन के बिना किसी को नियुक्त नहीं किया जा सकता।

वहीं, बैंक के एक कर्मचारी ने दावा किया कि कर्मचारियों को हटाया गया है और अब इतने कर्मचारियों की आवश्यकता नहीं है। इसी बीच ट्रस्ट के कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन ने अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से मुलाकात की। करीब एक घंटे चली इस बैठक को भी इस्तीफा प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।