भारत के खिलाफ साजिश रचने के आरोप में मार्च 2026 में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) द्वारा गिरफ्तार किए गए अमेरिका के भाड़े के सैनिक मैथ्यू वैनडाइक ने दिल्ली की एक कोर्ट में याचिका दायर कर जेल में अपना खाना खुद बनाने की परमिशन माँगी है।
मैथ्यू वैनडाइक इस समय दिल्ली की हाई-सिक्योरिटी तिहाड़ जेल में बंद हैं। मूथ्यू ने अपनी याचिका में कहा कि जेल में मिलने वाला खाना उनके लिए बहुत ज्यादा मसालेदार, तेल वाला और डीप फ्राई होता है। मैथ्यू का कहना है कि इस खाने की वजह से उसे पेट में समस्या हो रही है और शरीर में काफी तकलीफ महसूस हो रही है।
याचिका के अनुसार, इसी वजह से मैथ्यू ने पिछले 50 दिनों से भूख हड़ताल कर रखी है। इस दौरान वह ज्यादातर सिर्फ सोया मिल्क जैसे तरल पदार्थ लेकर ही गुजारा कर रहा है, क्योंकि वह भारतीय जेलों में मिलने वाले सामान्य खाने का आदी नहीं है।
मैथ्यू ने कोर्ट को बताया कि 06 मई से अब तक उसका करीब 1 किलो वजन कम हो चुका है। मैथ्यू का कहना है कि लंबे समय तक पर्याप्त खाना नहीं खाने की वजह से उसे ताकत, सहनशक्ति और शऱीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी घट गई है। इसके साथ ही कुपोषण के कारण उनकी आँखों की रोशनी पर भी असर पड़ने की बात कही गई है।
मैथ्यू वैनडाइक ने कोर्ट से अपने लिए अमेरिकी खाना बनाने की परमिशन माँगी है। वैनडाइक ने कहा कि उसे जेल में एक छोटा-सा किचन जैसा इंतजाम दिया जाए, जहाँ वह अपने खर्च पर खाना बना सके।
याचिका में जिन चीजों की माँग की गई है, उनमें लाल मांस, चिकन, मछली, दाल, चावल, पास्ता, नूडल्स, आलू, प्याज, बीन्स, ब्रेड, मक्खन, ऑलिव ऑयल, टोंड दूध, सोया मिल्क, बोतलबंद पानी, सब्जियाँ और लेमन पेपर मसाला शामिल है। इसके अलावा मैथ्यू ने इंडक्शन स्टोव, बर्तन, कटोरे और प्लास्टिक का फूड चॉपर इस्तेमाल करने की भी परमिशन माँगी है।
याचिका में कहा गया कि वैनडाइक के परिवार वाले इन सभी चीजों और उनसे जुड़े पूरे खर्च का भुगतान करने को तैयार हैं। मैथ्यू के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि यह माँग सिर्फ मानवीय आधार पर की गई है ताकि जेल में रहते हुए उनके मुवक्किल का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।
यह याचिका पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की कोर्ट में दाखिल की गई है। कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन से इस मामले में जवाब माँगा है और अगली सुनवाई 21 जुलाई को तय की है। वहीं राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने कोर्ट को बताया कि वह इस मामले में कोई जवाब दाखिल नहीं करेगी।
गौरतलब है कि तिहाड़ जेल में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी बंद हैं। लेकिन जेल के नियमों के अनुसार सभी कैदियों को जेल की रसोई में बना हुआ खाना ही खाना होता है। किसी कैदी को अलग तरह का खाना तभी दिया जाता है, जब जेल के डॉक्टर मेडिकल कारणों से इसकी अनुमति दें। ऐसे मामलों में आमतौर पर उबली हुई सब्जियाँ, दाल और चावल जैसे हल्के भोजन की व्यवस्था की जाती है।
मैथ्यू वैनडाइक केस का बैकग्राउंड
मैथ्यू वैनडाइक इस समय न्यायिक हिरासत में है। उस पर आरोप है कि वह भारत विरोधी तत्वों की भर्ती करने और उसने आतंकवादी गतिविधियों के लिए ट्रेनिंग देने की साजिश में हिस्सा लिया। मैथ्यू को 13 मार्च को 6 यूक्रेनी नागरिकों के साथ गिरफ्तार किया गया था।
जाँच एजेंसियों के मुताबिक, ये सभी बिना वैध अनुमति के मिजोरम में दाखिल हुए थे और अवैध रूप से म्यांमार भी पहुँचे थे। आरोप है कि मैथ्यू ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से संपर्क किया और उन्हें ड्रोन समेत अन्य हथियार और आतंकवादी हथियार उपलब्ध कराए।
NIA के अनुसार, पूछताछ में इन विदेशी नागरिकों ने स्वीकार किया कि उनका AK-47 राइफल लिए उग्रवादियों के साथ सीधा संपर्क था। जाँच एजेंसी ने बताया कि 14 यूक्रेनी नागरिकों का एक ग्रुप टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। इसके बाद वे गुवाहाटी होते हुए मिजोरम पहुँचे।
NIA का आरोप है कि इन लोगों ने स्थानीय जातीय उग्रवादी ग्रुप को प्रशिक्षक दिया, अवैध तरीके से म्यांमार में प्रवेश किया और यूरोप से ड्रोन की खेप मँगवाकर उन्हें हथियारबंद संगठनों से जुड़े नेटवर्क तक पहुँचाने में मदद की। मैथ्यू वैनडाइक और इस मामले के अन्य आरोपितों पर गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) समेत कई धाराओं के तहत आपराधिक साजिश और अन्य अपराधों के आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल इस पूरे मामले की जाँच जारी है।

