उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने अयोध्या के भदरसा कस्बे का नाम बदलकर अब ‘भरत नगर’ करने का बड़ा ऐलान किया है। इसके साथ ही खिरौनी-सुचितागंज नगर पंचायत का नाम भी अब ‘माँ ज्वाला देवी’ नगर पंचायत होगा। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा बीकापुर में एक जनसभा के दौरान की, जहाँ उन्होंने इलाके को 432 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का तोहफा भी दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाम बदलने की वजह साफ करते हुए कहा कि यह फैसला भगवान राम के छोटे भाई भरत के त्याग और आदर्शों को सम्मान देने के लिए लिया गया है। जब भगवान राम वनवास गए थे, तब भरत ने राजपाठ नहीं संभाला था।
उन्होंने भगवान राम की खड़ाऊं को सिंहासन पर रखकर खुद भरत कुंड में रहकर राजकाज चलाया था। CM योगी ने कहा कि दुनिया में भरत जैसा भाई मिलना बहुत मुश्किल है और उनका जीवन हमें मर्यादा सिखाता है।
अयोध्या, उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "…उन्होंने अभी मांग की है कि इसका नाम मां ज्वाला जी के नाम पर हो जाए। तो मैं कहता हूं कि इसका नाम मां ज्वाला देवी के नाम पर ही होगा। मां ज्वाला जी के ही नाम पर अब इस नगर पंचायत को जाना जाएगा। ऐसे ही, ऐसे ही पिछले दिनों… pic.twitter.com/ebNpxyv6VC
— IANS Hindi (@IANSKhabar) July 10, 2026
इलाके का होगा पूरा विकास
सरकार इस पूरे क्षेत्र को अब ‘भरत नगर’ और ‘भरत कुंड’ के रूप में एक नई पहचान देने जा रही है। CM योगी ने भरोसा दिया कि इसे एक शानदार नगर पंचायत के रूप में विकसित किया जाएगा। यहाँ रहने वाले लोगों के लिए सभी जरूरी और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा। इसके साथ ही सीएम ने सोहावल में पूर्व मंत्री दिवंगत मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का अनावरण भी किया और गरीबों को घरों की चाबियाँ सौंपी।
पहले भी बदले जा चुके हैं इन जगहों के नाम
उत्तर प्रदेश में जगहों के नाम बदलने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी राज्य सरकार स्थानीय इतिहास और संस्कृति को ध्यान में रखकर कई नाम बदल चुकी है। हाल ही में शाहजहाँपुर की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर ‘भगवान परशुराम पुरी’ किया गया था।
कुशीनगर के फाजिलनगर का नाम बदलकर ‘पावागढ़’ किया जा चुका है। इसके अलावा सबसे प्रमुख बदलावों में इलाहाबाद का नाम ‘प्रयागराज’ और फैजाबाद जिले का नाम ‘अयोध्या’ किया गया था।

