PM मोदी का ऐतिहासिक न्यूजीलैंड दौरा, 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य: FTA और रणनीतिक साझेदारी से रिश्तों को नई उड़ान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय न्यूजीलैंड के ऐतिहासिक दौरे पर हैं। 40 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली न्यूजीलैंड यात्रा है। शनिवार (11 जुलाई) को ऑकलैंड में PM मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच बेहद खास मुलाकात हुई।

दोनों देशों ने अपने रिश्तों को एक नए स्तर पर ले जाते हुए ‘रणनीतिक साझेदारी’ को मंजूरी दी है। इसके साथ ही साल 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना करने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने एयरपोर्ट पर PM मोदी का खुद स्वागत किया।

PM क्रिस्टोफर ने कहा कि पीएम मोदी की मेजबानी करना हमारे लिए एक बहुत बड़ा सम्मान है। यह यात्रा वाकई ऐतिहासिक है क्योंकि 40 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री यहाँ आया है। इससे एक साफ संदेश मिलता है कि भारत और न्यूजीलैंड अपने रिश्तों को अगले स्तर पर ले जा रहे हैं। उन्होंने इस रिश्ते को मजबूत करने के लिए PM मोदी की व्यक्तिगत ऊर्जा और प्राथमिकता की तारीफ भी की।

साल 2030 तक व्यापार दोगुना करने का बड़ा लक्ष्य

इस बैठक में दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की जमकर तारीफ हुई। PM मोदी ने बताया कि यह समझौता सिर्फ 9 महीने के रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ है। इससे बाजार, निवेश, सेवाओं और तकनीक के क्षेत्र में नए मौके मिलेंगे। दोनों देशों ने साल 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना करके 35 हजार करोड़ रुपए (7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर) तक पहुँचाने का संकल्प लिया है। दोनों नेता इस समझौते को जल्द से जल्द जमीन पर लागू करने के लिए सहमत हुए हैं।

न्यूजीलैंड भारत में करेगा बड़ा निवेश

PM मोदी ने ऑकलैंड में बिजनेस और स्पोर्ट्स इवेंट में हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड अगले 15 सालों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा। यह केवल एक निवेश नहीं है, बल्कि भारत के विकास के सफर में एक मजबूत पार्टनर बनने का वादा है।

PM मोदी ने कहा कि वह न्यूजीलैंड में भारत के 140 करोड़ लोगों की उम्मीदों और सपनों का संदेश लेकर आए हैं। दोनों देशों ने मिलकर ‘रोडमैप 2030’ को अपनाया है जो अगले चार सालों तक आपसी सहयोग को दिशा देगा।

युवाओं के लिए नई सोच और आसान वीजा

PM मोदी ने बिजनेस कम्युनिटी के सामने एक बहुत ही अनोखा सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि क्या दोनों देशों के 35 साल से कम उम्र के युवा व्यापारियों का एक बड़ा दल एक-दूसरे के देश का दौरा कर सकता है। इससे आने वाली पीढ़ी के बीच एक नया मजबूत रिश्ता बनेगा। इसके साथ ही भारत का पूरा ध्यान लोगों की आवाजाही पर है। इसके तहत भारतीय छात्रों के लिए वीजा आसान करने, पढ़ाई के बेहतर मौके देने और कुशल कामगारों के लिए रास्ते खोलने पर बातचीत हुई है।

दोनों देश अपनी सुरक्षा को लेकर भी मिलकर काम कर रहे हैं। रक्षा के क्षेत्र में दोनों देश संयुक्त अभ्यास, ट्रेनिंग और मिलिट्री जहाजों के दौरों को लगातार बढ़ा रहे हैं। इस यात्रा के दौरान दोनों पक्ष रक्षा उद्योग के सहयोग के लिए एक नया रोडमैप तैयार कर रहे हैं। भारत और न्यूजीलैंड दोनों का मानना है कि समुद्री रास्तों की सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि बनाए रखने के लिए दोनों का साथ मिलकर काम करना बहुत जरूरी है।

खेल और खेती में भी दिखेगा नया दम

भारत और न्यूजीलैंड के खेल संबंधों को इस समय 100 साल पूरे हो रहे हैं। दोनों देश खेलों में एक साझा एक्शन प्लान पर काम कर रहे हैं। उम्मीद है कि न्यूजीलैंड साल 2030 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भारत के दावे का समर्थन कर सकता है। खेती के क्षेत्र में भी नई तकनीक का इस्तेमाल होगा। न्यूजीलैंड भारत में कीवी, सेब, नाशपाती और शहद के लिए खास प्लान शुरू कर रहा है। इसके तहत भारत के नगालैंड और उत्तराखंड में खास सेंटर बनाए जाएँगे।

न्यूजीलैंड में करीब 3 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं। ये लोग वहाँ की राजनीति और व्यापार में बड़ी भूमिका निभाते हैं। PM मोदी के स्वागत में ऑकलैंड का मशहूर स्काई टॉवर खास लाइटों से जगमगा उठा जो दोनों देशों की दोस्ती का प्रतीक है। PM मोदी यहाँ भारतीय समुदाय के एक विशाल कार्यक्रम को भी संबोधित करने वाले हैं। ऑकलैंड पहुँचने पर PM मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह इस यात्रा से बेहद खुश हैं और दोनों देशों की दोस्ती के सभी पहलुओं पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हैं।