अयोध्या के बाद गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी मंदिर में ‘महाचोरी’ का बड़ा खुलासा हुआ है। मंदिर के भंडार गृह के CCTV कैमरे से ये चोरी पकड़ी गई है। इस मामले में 3 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है। इसमें गिनती विभाग का कर्मचारी चिराग ठाकोर और दो वायरमैन टैक्निशियन विवेक शर्मा और निकुंज पटेल शामिल हैं।
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— UN News (@unnewsofficials) July 14, 2026
अंबाजी मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का वीडियो वायरल, 3 लोगों पर FIR
गुजरात के अंबाजी मंदिर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें एक कर्मचारी के नोटों का बंडल छिपाने का दावा किया जा रहा है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले की जानकारी मिलने के बाद मंदिर… pic.twitter.com/eY8YDEXpyE
मंदिर में दान चोरी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि एक कर्मचारी नोटों का बंडल अपने पैर के नीचे पहले छिपाता है और फिर उसे उठा कर पायजामे में रख लेता है। इस वीडियो को देखकर ऐसा नहीं लगता है कि कर्मचारी कोई पहली बार ऐसा कर रहा हो। ऐसा लग रहा है कि मंदिर में ये चोरी काफी समय से चल रहा है।
कर्मचारी चिराग ठाकोर की चोरी का ये फुटेज 21 अप्रैल 2026 का बताया जा रहा है। लेकिन अंबा जी मंदिर में चोरी का मामला सबसे पहले 7 मई 2026 को सामने आया था। उस वक्त चिराग ठाकोर पैसे अपने पायजामे में छिपा कर गिनती विभाग से बाहर ले जा रहा था, तभी उसके कपड़े से कुछ रुपए गिर गए और मामला सामने आया। उस दिन गिनती के दौरान 1.04 लाख रुपए चोरी होने की बात कही गई।
इस पूरी घटना के दौरान सबसे चौकाने वाली बात यह है कि मई महीने में जब चोरी को अंजाम दिया गया तो उस वक्त भंडार गृह में लगा हुआ सीसीटीवी बंद था। इससे ये आशंका जताई जा रही है कि चोरी की वारदात पहले से चल रही थी।
ऐसे में श्रद्धालु माँग कर रहे हैं कि कम से कम पिछले सालभर का सीसीटीवी फुटेज खँगाला जाए, ताकि पता चले कि माँ अंबे के खजाने की महाचोरी कब से चल रहा है। लेकिन मुश्किल यह है कि सीसीटीवी फुटेज मात्र 30 दिन का ही मिल सकता है, क्योंकि इसे इतने दिनों तक ही सुरक्षित रखा जाता रहा है। हालाँकि जाँच एजेंसियों ने इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
मामला सामने आने के बाद बनासकांठा जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया है। अब दान की गिनती किए जाने भंडार गृह के पास 20 से अधिक सीसीटीवी लगाए गए हैं। इसकी फुटेज को 6 महीने तक सुरक्षित रखने की बात कही गई है।
दान के गिनती की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बने, इसके लिए इसका प्रदर्शन मंदिर परिसर में लगे एलईडी स्क्रीन पर किया जाएगा। कोई भी गिनती करने वाला कर्मचारी जेब वाले कपड़े नहीं पहन सकता। इन कर्मचारियों की पुलिस की मौजूदगी में मेटल डिटेक्टर से जाँच होगी। चिराग ठाकोर समेत तीनों कर्मचारियों को मंदिर ट्रस्ट ने बर्खास्त कर दिया है।

