NIA कोर्ट ने पहलगाम आतंकी हमले के मामले में फरार आरोपित और लश्कर-ए-तैयबा चीफ आतंकी हाफिज मुहम्मद सईद के खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी किया है। एनआईए ने कोर्ट को बताया कि वह पाकिस्तान के सरगोधा का रहने वाला है। पहलगाम आतंकी हमले की साजिश में वह शामिल था।
NIA Court issues a non-bailable warrant against the absconding accused, Pakistan-based Lashkar-e-Taiba (LeT) chief, Hafiz Muhammad Saeed, in the Pahalgam terror attack case. pic.twitter.com/sU0DpeZBnP
— ANI (@ANI) July 14, 2026
हाफिज सईद गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार है, इसलिए उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी करने की माँग एनआईए ने की। कोर्ट ने एजेंसी की माँग को मानते हुए आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि हाफिज सईद से पूछताछ बेहद जरूरी है, ताकि पहलगाम हमले की निष्पक्ष और प्रभावी जाँच की जा सके।
NIA ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर कर आतंकी हाफिज को आरोपित बनाया था
इससे पहले एनआईए ने जुलाई 2026 की शुरुआत में कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की थी और उसमें हाफिज सईद को प्रमुख आरोपित बनाया था।
NIA का दावा है कि जाँच में ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे स्पष्ट होता है कि इस हमले की साजिश पाकिस्तान से रची गई थी और इसका संचालन लश्कर तथा उसके प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के जरिए किया गया।
एनआईए ने कहा कि वैज्ञानिक जाँच, डिजिटल साक्ष्यों, फॉरेंसिक विश्लेषण और मौके से जुटाए गए प्रमाणों के आधार पर यह निष्कर्ष सामने आया कि हमले की योजना, समन्वय और संचालन सीमा पार से किया गया।
चार्जशीट में हाफिज सईद पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए। साथ ही भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से आतंकी साजिश रचने से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए।
पहले आरोप पत्र में कई आतंकियों और स्थानीय मददगारों का हुआ था खुलासा
NIA की पहले दाखिल चार्जशीट में तीन पाकिस्तानी आतंकियों की पहचान की गई थी, जिन्होंने पहलगाम में हमला किया था। इनमें से एक आतंकी बाद में सुरक्षा बलों के अभियान में मारा गया था। जाँच में लश्कर के हैंडलर साजिद सैफुल्लाह जट्ट के साथ दो स्थानीय आरोपितों की भूमिका भी सामने आई थी।
एजेंसी के अनुसार, डिजिटल डिवाइस, मोबाइल चैट, लोकेशन डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से पता चला कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर आतंकियों को लगातार निर्देश दे रहे थे। जाँच में यह भी सामने आया कि हमले से पहले आतंकियों को स्थानीय स्तर पर ठहरने और भोजन जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई थीं।
2025 में हुआ था पहलगाम हमला
पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष हिंदू पर्यटकों की हत्या कर दी गई थी। वहीं इस हमले में 16 लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए थे। इसके बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू कर पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। मुनीर और शहबाज की जोड़ी देखती ही रह गई और पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंकियों को मारा था। इतना ही नहीं सिंधू समझौता रद्द करने की घोषणा भी कर दी थी।

