मनीष कश्यप समेत 4 के खिलाफ FIR, एथेनॉल-E20 और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप: नागपुर में दर्ज हुई शिकायत

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की एथेनॉल नीति को लेकर कथित तौर पर भ्रामक जानकारी फैलाना सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को भारी पड़ गया है। नागपुर साइबर पुलिस ने इस मामले में बिहार के चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप सहित चार इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस की इस सूची में मनीष कश्यप के अलावा देसी बॉयज, हर्षित राठी और अंकलेश इन्वाते के नाम शामिल हैं।

यह कार्रवाई नागपुर बीजेपी आईटी सेल के अध्यक्ष शिशिर त्रिपाठी की शिकायत पर हुई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया, “इन इन्फ्लुएंसर्स ने वीडियो में केंद्रीय मंत्री के पुराने बयानों और आम लोगों के इंटरव्यू को काट-छाँट कर इस तरह पेश किया जिससे सरकार की एथेनॉल नीति पर भ्रम फैले और नितिन गडकरी की छवि खराब हो।”

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नागपुर साइबर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा, “साइबर सेल की टीम वीडियो पोस्ट करने के उद्देश्य और कानून-व्यवस्था पर इसके असर की गहन जाँच कर रही है। फिलहाल इस मामले में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।”

चर्चा में रहा था गाड़ी खराब होने का दावा, कंपनी ने बताया था सच

बता दें कि कुछ दिन पहले मनीष कश्यप ने आरोप लगाया था कि उनकी नई टोयोटा कार में ई20 ईंधन की वजह से खराबी आ गई। हालाँकि टोयोटा ने जाँच के बाद आरोपों को खारिज कर दिया था।

मनीष की वीडियो वायरल होने के बाद टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने बताया कि संबंधित टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस पूरी तरह E20 पेट्रोल के अनुरूप डिजाइन, परीक्षण और प्रमाणित की गई है। कंपनी के सर्विस विशेषज्ञों द्वारा किए गए विस्तृत तकनीकी परीक्षण में यह पाया गया कि वाहन के किसी भी पुर्जे या फ्यूल सिस्टम को कोई नुकसान नहीं पहुँचा था।

मनीष कश्यप ने E20 पेट्रोल पर उठाए थे सवाल

यह विवाद तब शुरू हुआ जब मनीष कश्यप का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि उनकी नई टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस, जिसके फ्यूल कैप पर E20 पेट्रोल के अनुकूल होने का स्पष्ट उल्लेख है, करीब 12 हजार किलोमीटर चलने के बाद इंजन में गंभीर समस्याओं का सामना करने लगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद गाड़ी में कंपन (Vibration), नॉकिंग और ब्रेकडाउन जैसे लक्षण दिखाई देने लगे। वीडियो में उन्होंने फ्यूल टैंक और फ्यूल लाइन से निकाले गए ईंधन के नमूने भी दिखाए, जिनमें गंदगी, मलबा और उनके अनुसार असामान्य मात्रा में एथेनॉल मौजूद था।

कश्यप ने पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले ईंधन की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार के एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम की भी आलोचना की। उन्होंने पूछा कि यदि ईंधन से वाहन में खराबी आती है तो इसकी जिम्मेदारी पेट्रोल पंप, रिफाइनरी, वाहन निर्माता या नीति बनाने वालों में किसकी होगी।

उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की भी आलोचना करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को केवल E20 मिश्रित पेट्रोल ही नहीं, बल्कि सामान्य पेट्रोल खरीदने का विकल्प भी मिलना चाहिए।

मनीष के इसी वीडियो को आधार बनाकर दर्ज कराई गई FIR

मनीष कश्यप के इसी वीडियो को आधार पर बनाकर नागपुर में FIR दर्ज कराई गई है। फिलहाल नागपुर पुलिस ने बीएनएस की धाराओं 352, 356, 296 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत केस दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।