पाकिस्तान में एक के बाद एक 2 धमाके, पुलिस स्टेशन में उड़ाई विस्फोटक से लदी कार: 14 सुरक्षाकर्मियों की मौत, ना TTP और ना BLA इस बार इस संगठन ने ली जिम्मेदारी

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बुधवार (15 जुलाई 2026) को आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर दो अलग-अलग हमले किए। इन हमलों में 14 पुलिसकर्मी मारे गए और लगभग 20 घायल हुए। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब अफगानिस्तान से सटे पाकिस्तान के शहरों में हिंसा बढ़ती जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहला हमला अपर दील जिले में हुआ, जहाँ आतंकियों ने एक सुरक्षा काफिले पर घात लगाकर हमला किया। स्थानीय पुलिस अधिकारी इब्राहिम खान ने बताया कि इसमें तीन पुलिसकर्मी मारे गए और 15 अन्य घायल हो गए।

कुछ घंटों बाद दूसरा हमला बन्नू शहर में हुआ, जो खैबर पख्तूनख्वा में ही है। एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी पुलिस थाने में घुसा दी, जिसमें कम से कम पाँच पुलिसकर्मी घायल हुए। धमाके से थाने का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ, लेकिन इस हमले में तुरंत किसी की मौत की खबर नहीं मिली।

न्यूज 18 के अनुसार, इस हमले की जिम्मेदारी इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन ने लेने का दावा किया है, लेकिन पाकिस्तान का शक तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) पर जा रहा है। पाकिस्तान दावा करता आया है कि यह संगठन अफगानिस्तान के भीतर काम करता है, जिसे काबुल और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार दोनों ही नकारते हैं।

क्या है तहरीक-ए-तालिबान (TTP)?

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, जिसे पाकिस्तानी तालिबान भी कहा जाता है, 2007 में कई आतंकी गुटों को मिलाकर बनाया गया एक संगठन है। शुरुआत में इसका नेतृत्व बैतुल्लाह मेहसूद ने किया था। अनुमान है कि इसके 30,000 से 35,000 सदस्य हैं। इसका मकसद पाकिस्तान सरकार को गिराकर अपने इस्लामी कानून के आधार पर एक अमीरात कायम करना है। 2018 से इसका नेता नूर वली मेहसूद है। TTP अफगानिस्तान के तालिबान से अलग हो चुका है, लेकिन को अब भी करीबी कहा जाता है।

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) लगातार पाकिस्तान में हिंसा बढ़ा रहा है। साल की शुरुआत में ही 06 फरवरी को TTP ने इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद में आत्मघाती बम धमाके में 31 लोगों को मार गिराया। इसके जवाब में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ चलाकर आतंकियों समेत आम नागिरों को मौत के घाट उतारा।

इसके जवाब में TTP ने पाकिस्तान पर हमले किए। तभी से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच में हालिया जंग तेज हो गई है। दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति आ गई थी पर सही समय पर सीजफायर हो गया। बावजूद दोनों ओर से हमले नहीं रुके।

अप्रैल में TTP ने हमलों की संख्या घटाई लेकिन यह अस्थायी ठहराव था। मई में संगठन फिर आक्रामक हुआ और पाकिस्तान की पुलिस, सीटीडी, फ्रंटियर कोर और सुरक्षा चौकियों को निशाना बनाया। 28 जून को पैरामिलिट्री रेंजर्स के मुख्यालय पर हमला किया, जिसमें पाकिस्तान के तीन सुरक्षाकर्मी मारे गए। अब यह सिलसिला 15 जुलाई को फिर दिखा। यह दिखाता है कि पाकिस्तान को अब उसकी ही पाले गए आतंकी कैसे तबाह करने की साजिश रच रहे हैं।