संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (20 जुलाई 2026) को संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह सत्र ऐतिहासिक होने वाला है। उन्होंने सभी दलों के सांसदों से आग्रह किया कि वे तर्क, तथ्य और सकारात्मक सोच के साथ सदन की कार्यवाही में भाग लें, ताकि देशहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो सके।
Speaking at the start of the Monsoon Session of Parliament. May this session witness productive discussions that strengthen India's development journey. https://t.co/v25Vg62apy
— Narendra Modi (@narendramodi) July 20, 2026
भारत के विकास की करी तारीफ
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश इस समय नई ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। ऐसे माहौल में संसद की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि सभी सांसद अनुभवी हैं और लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखते हुए मिलकर देश को आगे ले जाने पर चर्चा करना आज की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सदन में हर आवाज का सम्मान होना चाहिए और स्वस्थ बहस के जरिए लोकतंत्र को मजबूत किया जाना चाहिए।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश की विकास यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में राजस्थान में देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित की गई है। इसके साथ ही भारत ने ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन भी शुरू की है। उन्होंने बताया कि दुनिया के चुनिंदा देशों के पास ही ऐसी तकनीक है और भारत की यह ट्रेन सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली है। उन्होंने इसकी सफलता का श्रेय देश के इंजीनियरों, वैज्ञानिकों, उद्यमियों, युवाओं और श्रमिकों को दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियाँ सामने आईं। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण पेट्रोल, डीजल और उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित हुई, लेकिन इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारत ने लगभग 7.7 प्रतिशत की विकास दर हासिल कर दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी।
युवाओं को सराहा
प्रधानमंत्री ने भारतीय युवाओं की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि देश के स्टार्टअप नई ऊँचाइयों को छू रहे हैं। उन्होंने स्काईरूट स्टार्टअप का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ काम करने वाले युवाओं की औसत आयु सिर्फ 28 वर्ष है।
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं किसी 56 साल के नौजवान की बात नहीं कर रहा, बल्कि 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं।” पीएम ने कहा कि इन युवाओं ने अंतरिक्ष में भारत का झंडा गाड़ दिया है और यह देश के आत्मविश्वास तथा युवाओं की असीम क्षमता का प्रमाण है। वह बोले- देश जो रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर के चल पड़ा है, उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं, और सफल भी हो रहे हैं।
अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे अच्छा मानसून देश के लिए लाभकारी होता है, वैसे ही यदि संसद का मानसून सत्र भी सक्रिय और उत्पादक रहे तो इसका सीधा लाभ देश और जनता को मिलेगा। उन्होंने सभी सांसदों से सहयोग की अपील करते हुए उम्मीद जताई कि यह सत्र रचनात्मक, सार्थक और देशहित में महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाला साबित होगा।

