दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की कार्यवाही तो सोशल मीडिया सभी ने देखी, लेकिन उसी दिन केरल में कॉन्ग्रेस सरकार की पुलिस ने जब NEET पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे वामपंथी छात्र संगठन SFI के प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन से खदेड़ा तो किसी ने मुद्दा नहीं बनाया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बड़ी संख्या में SFI के कार्यकर्ता केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में इकट्ठा हुए और NEET परीक्षा में हुई अनियमितताओं के खिलाफ नारेबाजी की। ये प्रदर्शनकारी राज भवन की ओर बढ़ने लगे, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की।
#WATCH | Thiruvananthapuram, Kerala: Police used water cannons to disperse the SFI workers demanding the resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan over the issue of the NEET paper leak pic.twitter.com/eaa0DPdKlj
— ANI (@ANI) July 20, 2026
SFI के प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेंडिंग तोड़कर राज भवन तक अपने मार्क को आगे बढ़ाने की कोशिश की। माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस कार्रवाई से मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन बाद में सुरक्षाकर्मियों ने उस इलाके को खाली करा दिया।
बता दें कि दिल्ली में हुए NEET पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए 20 जुलाई को ‘संसद मार्च’ जैसा ही तिरुवनंतपुरम में SFI ने राज भवन तक मार्च की योजना बनाई थी। लेकिन राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार ने उन पर वाटर कैनन से हमला कर प्रदर्शनकारियों को रास्ते में ही रोक लिया और भीड़ को हटा दिया।
यह भी पुलिस की प्रदर्शनकारियों की भीड़ को हटाने की एक कार्रवाई है, जो सोशल मीडिया पर एकतरफा नैरेटिव का हिस्सा नहीं बन पाई। वामपंथी और एकतरफा पत्रकारिता करने वाले तथाकथित पत्रकार दिल्ली की तस्वीरें तो दिखा रहे हैं लेकिन तिरुवनंतपुरम में कॉन्ग्रेस सरकार की कार्रवाई उन्हें नजर नहीं आ रही।

