सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उत्तराखंड पुलिस का एक कांस्टेबल पुलिस वर्दी में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के मंच से इस्तीफा देने का नाटक करता नजर आ रहा है।
मंच से खुद को बागी बताते हुए कांस्टेबल शेर सिंह ने स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह का नाम लिया और अपनी वर्दी से बिल्ले उतारकर CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को सौंप दिए। उसने सरकार पर पेपर लीक और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने का ड्रामा किया।
हालाँकि उत्तराखंड पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाकर फर्जीवाड़े का पर्दाफाश कर दिया है। कुमाऊँ रेंज की आईजी निवेदिता कुकरेती ने शुक्रवार (24 जुलाई) को बयान जारी करते हुए बताया कि शेर सिंह द्वारा दिए गए बयान पूरी तरह से निराधार और भ्रामक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शेर सिंह को इस्तीफा देने का कोई अधिकार नहीं था, क्योंकि वह पहले से ही पुलिस सेवा से निलंबित चल रहा है।
“शहीद भगत सिंह ने कहा था कि जिंदगी अपने दम पर जी जाती है, क्रांति विचारों से आती, अपने हक के लिए लड़ना बग़ावत है तो हम बाग़ी है”
— Ajit Singh Rathi (@AjitSinghRathi) July 24, 2026
जंतर मंतर पर ये आक्रामक भाषण देकर सिपाही शेर सिंह ने अपने कंधे पर लगा उत्तराखंड पुलिस का बैज़ उतारकर अभिजीत दीपके के हाथों में थमा दिया।
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आईजी कुकरेती ने बताया कि शेर सिंह 28 जून से पिथौरागढ़ जिले में बिना किसी अनुमति के अपनी ड्यूटी से गायब था। इस संबंध में एसपी पिथौरागढ़ द्वारा उसे नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर 20 जुलाई को उसे निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद वह बिना इजाजत जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों को भड़काने वाले बयान देने लगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शेर सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वह एक खूंखार स्थानीय गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि के साथ मिलकर संगठित अपराधों को अंजाम देता था। शेर सिंह और उसके साथी लोगों को डरा-धमकाकर उनकी जमीनों पर अवैध कब्जा करते थे। इस मामले में वर्ष 2025 में हरिद्वार में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद 15 जनवरी 2025 को उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
#WATCH | Dehradun, Uttarakhand: IG Kumaon Range Nivedita Kukreti says, "Currently, a constable, Sher Singh, is making a baseless statement inciting student protests, which is going viral. Regarding this constable, it is worth noting that he was unauthorisedly absent from… pic.twitter.com/Ch8NzwQI3L
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 24, 2026
आईजी कुकरेती ने कहा, “वह कई महीनों तक जेल में रहा और फिलहाल जमानत पर बाहर है। उसके खिलाफ पहले से ही सेवा से बर्खास्तगी की विभागीय कार्रवाई चल रही थी। अब उसके द्वारा दिए गए अनर्गल बयानों को लेकर भी कड़ा कानूनी और विभागीय संज्ञान लिया जा रहा है।”
He is on SUSPENSION since last year. He also remained in judicial custody for nearly two months.
— The Analyzer (News Updates🗞️) (@Indian_Analyzer) July 24, 2026
-> He is booked under sections of cheating, forgery, and organised crime.
CJP is taking his support? Cheaters are being given stage on banner against Leaks😭 https://t.co/eqPqJR0TfC pic.twitter.com/O8QWmRDaYP
इस खुलासे से साफ हो गया है कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले तत्व अपने काले कारनामों को छिपाने के लिए विरोध प्रदर्शनों का सहारा ले रहे हैं।

