CJP का प्रदर्शन खत्म होने के बाद खाली हुआ जंतर-मंतर, साफ-सफाई का काम जारी: मेट्रो की सेवाएँ हुई सामान्य, प्रधान के इस्तीफे पर बोले अमित शाह- भाजपा के लिए छात्र और देश सबसे आगे

जंतर मंतर पर प्रदर्शन खत्म होने के बाद साफ सफाई का दौर जारी है। वहीं देर रात सीजेपी के नेताओं ने पुलिस कमिश्नर अनुराक कुमार से मुलाकात की और कहा कि काफी सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई। वहीं धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे पर लगातार प्रतिक्रियाएँ आ रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भाजपा के लिए पद से कहीं अधिक बड़ा देश और छात्र हैं।

जंतर मंतर समेत आस पास के इलाकों की साफ-सफाई का काम जारी

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद सीजेपी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान किया। इसके बाद बड़ी संख्या में मौजूद छात्र और दूसरे लोग धीरे धीरे अपने गंतव्य की ओर जाने लगे। इस प्रक्रिया में काफी वक्त लगा, क्योंकि कुछ लोगों ने कांस्टीट्यूशन क्लब में सीजेपी के गए दो नुमाइंदे के आने का इंतजार कर रहे थे।

हालाँकि कांस्टीट्यूशन क्लब में ही केन्द्रीय मंत्री नड्डा और जितेन्द्र सिंह के साथ सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ और आशुतोष रांका ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया था। इसके बाद लोगों के जाने का सिलसिला तेज हुआ। इसके बाद पिछले 36 दिनों से जंतर मंतर पर लगे मंच और टेंट हटाए गए। वहां जमे कूड़े की सफाई का काम एनडीएमसी ने फिर शुरू किया। 26 जुलाई को भी वहाँ साफ-सफाई का काम चल रहा है।

एनडीएमसी ने जंतर मंतर और इसके पास के इलाकों से शुक्रवार (24 जुलाई 2024) को 25 मीट्रिक टन गीला और सूखा कचरा उठाने का दावा किया था। गुरुवार को 15 मीट्रिक टन कचरा उठाया गया था। भारी कचरों को देखते हुए 24 घंटे एनडीएमसी के कर्मचारी यहाँ काम कर रहे हैं और आधुनिक तौर तरीकों से कचरों को हटाने का काम चल रहा है।

यहाँ आसपास पत्थर और दूसरे तोड़फोड़ वाले मलबे भी हैं, जिसे हटाने के लिए भारी मशीनों को लगाया गया है। सफाई अभियान जंतर मंतर के आसपास मौजूद टॉलस्टॉय मार्ग, जय सिंह रोड, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस में भी चलाया जा रहा है। रविवार को कनॉट प्लेस बंद रहता है, इसलिए साफ सफाई के काम को पूरा करने का टारगेट रविवार तक रखा गया है।

देश के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रदर्शनकारी भी ट्रेन- बस और दूसरे साधनों से अपने-अपने घर रवाना हो गए हैं। कई लोग एक दो दिनों में जैसी सुविधा होगी, वैसे अपने अपने घर चले जाएँगे।

मेट्रो का किराया भी माफ

25 जुलाई 2026 को सीजेपी और सरकार के बीच बातचीत सफल होने के बाद सीजेपी ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद राजीव चौक और आसपास के मेट्रो स्टेशन को भी खोलने की घोषणा हुई। इतना ही नहीं दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों के लिए दिल्ली मेट्रो में फ्री यात्रा की सुविधा दी, ताकि वे अपने घर आसानी से लौट सकें। सामान्य दिनों में दूरी के हिसाब से मेट्रो का किराया 10 रुपये से 60 रुपये तक होता है।

सीजेपी नेताओं की दिल्ली पुलिस कमिश्नर से मुलाकात

देर रात दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार से कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं ने मुलाकात की। मुलाकात के बाद प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि मीटिंग का कोई खास एजेंडा नहीं था और बातचीत बहुत अच्छे माहौल में हुई। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें साफ-साफ बता दिया है कि वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषी पुलिसकर्मियों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने छात्रों को पीटा। ऐसे पुलिसकर्मियों और आरएएफ जवानों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

उन्होंने कहा कि सीजेपी एक वेबसाइट भी शुरू कर रही है। उन्होंने कानूनी कार्रवाई शुरू करने की बात भी कही है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि न सिर्फ दोषी पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज हो, इनके खिलाफ सिर्फ शिकायत दर्ज न हो। इसके लिए कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएँगे।

धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या बोले शाह

धर्मेन्द्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने की घोषणा पर नेताओं ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा, “भाजपा के लिए पद से कहीं अधिक बड़ा देश, युवा पीढ़ी हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी का अपने पद से इस्तीफा इसी को दर्शाता है।”

धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने छात्रों और देश को बधाई दी और कहा कि ये लोकतंत्र की जीत है उन्होने सीजेपी टीम को इसके लिए खास तौर पर बधाई दी।

वहीं सरकार ने शिक्षा मंत्रालय का जिम्मा प्रह्लाद जोशी को दिया है। उनके पास पहले से उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार है। शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है। इस पर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया और कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी निभाएँगे।