कनाडा और अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े संयुक्त अभियान में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए करीब 1.7 टन अवैध मादक पदार्थ जब्त किए हैं। बरामद ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 139 मिलियन डॉलर (करीब 1160 करोड़ रुपए) से अधिक आँकी गई है।
इस मामले में कुल 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 13 पंजाबी मूल के आरोपित शामिल बताए जा रहे हैं। जाँच एजेंसियों का कहना है कि यह गिरोह वैध ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था की आड़ लेकर कनाडा और अमेरिका के बीच बड़े पैमाने पर ड्रग्स की तस्करी कर रहा था।
जनवरी 2025 से चल रही थी गुप्त जाँच, कई एजेंसियाँ हुईं शामिल
इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जाँच की शुरुआत जनवरी 2025 में विंडसर पुलिस सर्विस ने की थी। शुरुआती जाँच में सीमा पार सक्रिय संगठित गिरोह के संकेत मिलने के बाद फरवरी 2025 में कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) भी जाँच में शामिल हो गई।
जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ी, अधिकारियों को पता चला कि मामला केवल कुछ तस्करी की घटनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क काम कर रहा है। इसके बाद अमेरिका की होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस (HSI) और ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) ने भी खुफिया जानकारी साझा कर जाँच को मजबूत किया।
वहीं कनाडा में टोरंटो पुलिस सर्विस और पील रीजनल पुलिस ने जमीनी स्तर पर कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कमर्शियल ट्रकिंग और सप्लाई चेन का हो रहा था दुरुपयोग
जाँच एजेंसियों के अनुसार, गिरोह ने कमर्शियल ट्रकिंग उद्योग के भीतर एक ‘ब्रोकर-स्टाइल’ नेटवर्क विकसित कर रखा था। आरोपित वैध सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स कंपनियों और कमर्शियल ट्रक चालकों का इस्तेमाल कर कोकीन समेत अन्य प्रतिबंधित मादक पदार्थों को अंतरराष्ट्रीय सीमा पार पहुँचाते थे।
ड्रग्स को सामान्य व्यापारिक माल की तरह छिपाकर भेजा जाता था, जिससे शुरुआती स्तर पर इसकी पहचान करना मुश्किल हो जाता था। एजेंसियों का कहना है कि नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से संचालित हो रहा था और सीमा पार तस्करी के लिए वैध कारोबारी व्यवस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा था।
छापेमारी में बड़ी कार्रवाई, युवाओं को दी गई चेतावनी
जाँच के दौरान 14 जुलाई को मार्खम और कैलेडन में दो-दो स्थानों पर तथा 20 जुलाई को ब्रैम्पटन में छापेमारी की गई, जहाँ से भारी मात्रा में ड्रग्स और अन्य सबूत बरामद हुए। पुलिस ने कुल 21 आरोपितों में से 20 की पहचान सार्वजनिक कर दी है, जबकि एक आरोपित का नाम कानूनी कारणों से गोपनीय रखा गया है।
गिरफ्तार आरोपितों में गगनदीप थिंदल, सिमरनजीत सिंह, कंवरपाल कुलार, जतिनदीप सिंह, जसविंदर सोही, तेजविंदर संधू, हरविंदर संधू, हनिंदरपाल ग्रेवाल, मोहम्मद बिनहसन, मिशेल मोस्कोन, गुंदीप तारीवाल, शॉन बैटे, जैन ख्वाजा, विली श्वार्ट्ज, महकप्रीत सिंह, करणदीप सिंह, तरमिंदर सिंह, स्टीव स्कुसोलिन और अवतार सहोता समेत कई नाम शामिल हैं।
फिलहाल जाँच एजेंसियाँ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों और इसके पूरे संचालन तंत्र की भी जाँच कर रही हैं।

