अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पश्चिम एशिया में अलर्ट, US नागरिकों को इलाका छोड़ने की सलाह: ट्रंप ने समझौते की आस में फिलहाल रोके हमले

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। जॉर्डन की राजधानी अम्मान, इजरायल के यरुशलम और इराक के बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावासों ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी करते हुए उन्हें हालात बिगड़ने की आशंका के बीच क्षेत्र छोड़ने पर विचार करने की सलाह दी है।

दूतावासों ने कहा है कि यदि संघर्ष और बढ़ता है तो अमेरिकी नागरिकों को तुरंत रवाना होने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्हें उड़ानों की जानकारी लगातार जाँचने, स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और संभावित उड़ान रद्द होने, समय-समय पर हवाई क्षेत्र बंद होने तथा यात्रा में व्यवधान जैसी परिस्थितियों के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

ट्रंप ने फिलहाल ईरान पर नए हमले टाले, जल्द समझौते की शर्त रखी: इजरायल ने भी जताया समर्थन

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल ने फिलहाल ईरान पर नए सैन्य हमले रोकने पर सहमति बनाई है, लेकिन इसके लिए ईरान को जल्द से जल्द एक व्यापक समझौते पर पहुँचना होगा। इससे पहले आशंका थीं कि अमेरिका और इजरायल ईरान के ऊर्जा ढाँचे, तेल रिफाइनरियों और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाकर संयुक्त सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के खिलाफ सैन्य शक्ति, ताकत और क्षमता के ऐसे स्तर पर पूरी तरह तैयार है, जैसा द्वितीय विश्व युद्ध के बाद कभी नहीं देखा गया।” हालाँकि उन्होंने आगे कहा, “इसके बावजूद, अभी-अभी ईरान और पश्चिम एशिया के अन्य देशों ने हमसे किसी भी हमले को रोकने का अनुरोध किया है।”

ट्रंप ने कहा, “इस अनुरोध के आधार पर मैंने दुनिया के भविष्य के हित और एक सफल एवं समृद्ध ईरान के अस्तित्व को ध्यान में रखते हुए फिलहाल हमले को रद्द करने पर सहमति दी है, बशर्ते कि जल्द से जल्द एक समझौता हो जाए।”

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस समझौते में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तत्काल, पूर्ण और पूरी तरह खोलना तथा ईरान के परमाणु खतरे का अंत शामिल होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा, “इजरायल भी इस प्रतिबद्धता में मेरे साथ है। सभी लोग काम पर लग जाएँ और इसे पूरा करें।”