मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के 4,60,559 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में DBT के माध्यम से ₹148.04 करोड़ की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि भेजी। मुख्यमंत्री ने एक क्लिक कर राशि ट्रांसफर की। इस मौके पर उन्होंने 11 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के प्रमाणपत्र भी सौंपे।
सबसे ज्यादा लाभ अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अनुसूचित जाति (SC) के स्टूडेंट्स को मिला। OBC वर्ग के 2,23,615 छात्र-छात्राओं के खातों में ₹60.01 करोड़ पहुँचे, जबकि अनुसूचित जाति के 1,59,959 विद्यार्थियों को ₹64.54 करोड़ की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति दी गई। इस दौरान CM ने कार्यक्रम में मौजूद बच्चों के साथ सेल्फी भी ली।
सामान्य वर्ग के 38,084 छात्र-छात्राओं को ₹11.43 करोड़ और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थियों को ₹12.06 करोड़ की राशि मिली है। सभी वर्गों के पात्र स्टूडेंट्स को यह धनराशि सीधे उनके खातों में भेजी गई।
किसी भी छात्र को धनराशि के अभाव में अपनी स्कूली शिक्षा से वंचित न होना पड़े। हर छात्र को शिक्षा प्राप्त करने और आगे बढ़ने का समान अवसर मिले, इसके लिए डबल इंजन सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 3, 2026
आज लखनऊ में अल्प आय वर्ग के पूर्वदशम (कक्षा 9-10) तथा दशमोत्तर कक्षाओं के… pic.twitter.com/yDcDqnlY5J
मुख्यमंत्री ने 11 स्टूडेंट्स को दिए प्रमाणपत्र
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मंच पर 11 स्टूडेंट्स को प्रमाणपत्र प्रदान किए। इनमें रणबीर वर्मा, अजीत रावत, अंश मिश्रा, अलकैफ, अनन्या अवस्थी, मिली, अधिकांश वर्मा, करिश्मा, बुशरा, अभिषेक यादव और साइमा शामिल रहे। मुख्यमंत्री के हाथों प्रमाणपत्र पाकर स्टूडेंट्स काफी उत्साहित नजर आए।

कक्षा 9-10 से उच्च कक्षाओं तक के छात्रों को मिला लाभ
योजना में अल्प आय वर्ग के पूर्वदशम यानी कक्षा 9 और 10 के स्टूडेंट्स भी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि आर्थिक स्थिति के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई बीच में न छूटे, इसी उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई है। फीस, किताबों और अन्य शैक्षणिक खर्चों में छात्रवृत्ति की राशि स्टूडेंट्स के काम आएगी।

पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, बिचौलियों की गुंजाइश कम
सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और आधार आधारित बनाया है। आवेदन से लेकर भुगतान तक सभी चरण डिजिटल हैं और राशि सीधे पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में जा रही है। सरकार का दावा है कि आधार आधारित पेमेंट सिस्टम और पैकेट सिस्टम से वितरण में पारदर्शिता बढ़ी है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 65.95 लाख से अधिक छात्रों को लाभ
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 65.95 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को ₹4,793 करोड़ से ज्यादा की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति दी जा चुकी है। सरकार अब प्रक्रिया को और सरल बनाने की तैयारी में है ताकि कोई पात्र विद्यार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहे।

