‘पहले 25 दिन भूख हड़ताल करें, फिर लाठीचार्ज होगा’: कर्नाटक में पुलिस भर्ती में धांधली का विरोध कर रहे छात्रों का गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने उड़ाया मजाक, लोग भड़के

कर्नाटक में 3991 सिविल पुलिस कांस्टेबल पदों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा विवादों के घेरे में आ गई है। विजयपुरा जिले के टिकोटा स्थित एक परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया और परीक्षा का बहिष्कार किया।

उम्मीदवारों का आरोप था कि उन्हें प्रश्न-पत्र करीब आधा घंटा देरी से दिए गए और ओएमआर (OMR) शीट बांटने की प्रक्रिया में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई। सालों से तैयारी कर रहे युवाओं ने पूरी परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की माँग की है।

मामला उस समय और गरमा गया जब राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर एक विवादास्पद टिप्पणी कर दी। विपक्ष द्वारा इस्तीफा माँगे जाने पर खड़गे ने तंज कसते हुए कहा, “हाँ, मैं इस्तीफा दे दूँगा। पहले उन्हें 25 दिन भूख हड़ताल करने दीजिए। अगर फिर भी वे नहीं माने, तो हम एक बार लाठीचार्ज करेंगे और उसके बाद मैं इस्तीफा दे दूँगा।”

गृह मंत्री के इस बयान के बाद अभ्यर्थियों और विपक्षी दलों का गुस्सा फूट पड़ा है। बयान पर घिरने के बाद खड़गे ने सफाई देते हुए कहा कि साढ़े चार लाख से अधिक परीक्षार्थियों में से महज 120 लोगों को ही समस्या हुई है। उन्होंने पलटवार करते हुए पूछा कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में हुए पीएसआई (PSI) घोटाले के दौरान तत्कालीन नेताओं ने इस्तीफे क्यों नहीं दिए थे?

दूसरी ओर विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने सरकार पर प्रशासनिक नाकामी का आरोप लगाते हुए गृह मंत्री के इस्तीफे और पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग की है। हालाँकि, परीक्षा अधिकारियों ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि परीक्षा पूरी तरह से नियमों के तहत कराई गई थी। लेकिन विपक्ष और सामान्य छात्र प्रियांक खड़गे के बयान को सुनने के बाद बौखलाए हुए हैं।