बताया जा रहा है कि राज्य मंत्री उमेश राय की आदित्य सिंह ने रेकी की थी और उनकी तस्वीर आतंकी हमीम मंडल तक पहुँचाई थी। इतना ही नहीं मंत्री के बेटे की भी हनी ट्रैप में फँसाने की साजिश रची जा रही थी।
शुरुआती जाँच में आदित्य सिंह के पास कई वीआईपी की जासूसी करने के सबूत एसटीएफ के हाथ लगे हैं। एसटीएफ के एक अधिकारी ने बताया है कि ये मॉड्यूल सबसे ज्यादा बंगाल में एक्टिव था और आईएसआई से इसके तार जुड़े थे। उसने बंगाल के मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सहयोगियों और उनके बेटों को निशाना बनाने के लिए महिलाओं की भर्ती कर रहा था। इसके बदले में मोटी रकम देने का उनसे वादा किया गया था।
मंत्रियों और उनके बेटों को फँसाने वाला मॉड्यूल
आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद से जुड़ा यह मॉड्यूल मंत्रियों के बेटों को फँसा कर उन्हें अगवा करना चाहता था और उसके एवज में मोटी रकम वसूलना चाहता था। खुफिया विभाग ने भी सचेत करने हुए कहा है कि जिस तरह से नए मॉड्यूल काम कर रहे हैं, वह बहुत चिंताजनक है।
दरअसल आईएसआई अपनी एक और रणनीति पर काम कर रही है। जिसमें महत्वाकांक्षी महिलाओं और सोशल मीडिया इंफ्ल्यूएंसर्स को पैसे देकर संवेदनशील जगहों, सैन्य ठिकानों की तस्वीर देने के लिए कहा जाता है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद कई ऐसी महिलाओं को सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार किया और उनसे आपत्तिजनक सामग्री बरामद की।
लोकप्रियता की वजह से इन्फ्लुएंसर्स के लिए वहाँ पहुँचना आसान हो जाता है, जहाँ आम लोग नहीं जा पाते और वीडियो रिकॉर्ड करना तो यूँ भी आम बात है। इन वीडियो को ये पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के हवाले कर देते हैं। इस कड़ी में इंफ्लूएंसर ज्योति मलहोत्रा को सुरक्षाकर्मियों ने गिरफ्तार किया था। उसके पाकिस्तान जाने और आईएसआई संबंध उजागर हुए थे।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद सिर्फ 2025 में 437 और मार्च 2026 तक 17 ऐसे लोगों को पकड़ा गया जो पाकिस्तान की साजिश का हिस्सा बन गए थे।
झारखंड से आतंकी हमीम की कथित गर्लफ्रेंड अर्पिता गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स यानी STF ने झारखंड के साहिबगंज जिले से अर्पिता सरकार नाम की एक महिला को गिरफ्तार किया था। जाँच एजेंसियों के मुताबिक, अर्पिता सरकार संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल के लगातार संपर्क में थी और यह पूरा मामला हनीट्रैप से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार, हमीम मंडल कथित तौर पर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक नेताओं से संपर्क बनाने और उनकी निजी जानकारियाँ जुटाने के लिए अर्पिता सरकार का इस्तेमाल करता था।
ताजा मामला तब सामने आया, जब एसटीएफ ने बंगाल के बर्धमान से खुफिया इनपुट के आधार पर जैश से जुड़े आतंकी हमीम मंडल को पूछताछ के लिए बुलाया। उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने साहिबगंज में अचानक छापेमारी की और अर्पिता सरकार को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई को अंजाम देने में इलेक्ट्रॉनिक और तकनीकी साक्ष्यों ने बहुत ही अहम भूमिका निभाई है। इन्हीं डिजिटल सुरागों की मदद से पुलिस इस शातिर महिला तक पहुँचने में कामयाब हो पाई।

