‘प्रभु श्रीराम के आदर्शों पर चलकर ही प्रदेश में कानून का राज कायम किया’, दशहरा के मौके पर CM योगी की पाती; बोले- अपराधियों पर शिकंजे से लोगों का भरोसा गहरा हुआ

शारदीय नवरात्र की महानवमी और विजयादशमी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को बधाई दी और अपनी ‘योगी की पाती’ में भगवान श्रीराम के जीवन के प्रसंगों को याद किया। उनका कहना था कि अन्याय और अधर्म कितने ही बलशाली दिखें, आखिरकार जीत सत्य और धर्म की ही होती है। विजयादशमी को उन्होंने इसी शाश्वत सत्य का प्रतीक बताया।

अपने संदेश में योगी ने माँ दुर्गा के पराक्रम और श्रीराम के जीवन का उल्लेख किया। उनके अनुसार ये कथाएँ आस्था भर की बात नहीं हैं, इनमें अन्याय के विरुद्ध डटने, नारी का सम्मान करने और अपने कर्तव्य पर टिके रहने की सीख भी समाई है।

रावण पर विजय के बाद भी अयोध्या ही चुनी

पाती में मुख्यमंत्री ने रामायण का एक प्रसंग सुनाया। लंका जीतने के बाद श्रीराम ने लक्ष्मण को मृत्युशैया पर पड़े रावण के पास उससे ज्ञान लेने भेजा। योगी ने यह भी रेखाँकित किया कि सोने की लंका का वैभव श्रीराम को नहीं बाँध सका। उन्होंने जन्मभूमि अयोध्या को ही चुना और लंका की गद्दी उसके उत्तराधिकारी के हवाले कर दी।

श्रीराम के वचन ‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’ का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रसंग मातृभूमि से प्रेम और कर्तव्य के प्रति निष्ठा की प्रेरणा देता है। योगी के शब्दों में, विजयादशमी सिर्फ बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न नहीं है। जिन मूल्यों के लिए श्रीराम को पूजा जाता है, उन्हें अपने जीवन में उतारने का यह एक मौका भी है।

रामलीला से शासन तक

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में जीत का उत्सव मनाते हुए भी विविधता और दूसरों के विचारों का आदर बना रहता है। रामलीला खेलने वालों से लेकर उसे देखने जुटने वालों तक, अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोग इस पर्व में उमंग के साथ शामिल होते हैं।

उनके मुताबिक श्रीराम का जीवन सामाजिक समरसता और एकता की मिसाल है। उनके आदर्श भारत की सीमा में बंधे नहीं हैं, दुनिया के कई देशों की सांस्कृतिक परंपराओं में भी रामकथा की झलक दिखती है। योगी ने कहा कि इन आदर्शों का मोल तभी है जब वे हमारे आचरण और शासन के तरीके में भी नजर आएँ।

माफिया पर कार्रवाई और गरीबों को घर

पाती में कानून व्यवस्था और माफिया के खिलाफ कार्रवाई का भी CM ने जिक्र आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम के आदर्शों पर चलते हुए सरकार ने कानून का राज कायम करने और लोगों की सुरक्षा को पहली प्राथमिकता दी है। माफिया और संगठित अपराध पर कार्रवाई करके प्रदेश में भय-मुक्त वातावरण बनाने के प्रयास किए गए हैं।

प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके का नाम लेते हुए योगी ने बताया कि माफिया के कब्जे से छुड़ाई गई जमीन पर गरीब परिवारों के लिए मकान बनाए गए हैं। इस इलाके को ‘श्रीकृष्णपुरी’ के रूप में संवारा जाएगा। उनका कहना था कि अपराधियों पर शिकंजा कसने से कानून में लोगों का भरोसा गहरा हुआ है और विकास के लिए माहौल भी बना है।

समाज से अपील

विजयादशमी पर मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि अहंकार, अन्याय, भेदभाव और नकारात्मकता के रावण को जलाने का संकल्प लें। दहेज प्रथा, घरेलू कलह और जातिगत भेदभाव जैसी कुरीतियों से दूर रहने की बात भी उन्होंने कही।

योगी ने कहा कि आसपास कोई संकट में हो या मुश्किल से जूझ रहा हो, तो उसे केवल नसीहत देना काफी नहीं, साथ खड़े होकर सहयोग और संवेदना भी देनी चाहिए। उनके अनुसार सबके संकल्प और भागीदारी से ही स्वस्थ परिवार, सशक्त समाज और समृद्ध उत्तर प्रदेश का सपना पूरा हो सकता है।