अखिलेश सरकार ने किसानों की कमाई पर भी किया हाथ साफ… वही श्राप ले डूबा: CM योगी ने ₹493 करोड़ कृषि निवेश अनुदान देकर बताया सपाई पाप

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 अक्टूबर 2026 को गोरखपुर से बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा सीधे किसानों के खातों में भेजा। गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में रिमोट का बटन दबाते ही प्रदेश के 9,18,091 किसानों के खाते में कुल ₹493 करोड़ का कृषि निवेश अनुदान पहुँच गया। इसी मौके पर उन्होंने कॉन्ग्रेस और समाजवादी पार्टी की पुरानी सरकारों को जमकर घेरा।

मुख्यमंत्री ने कॉन्ग्रेस के शासन की याद दिलाते हुए कहा कि तब दिल्ली से ₹100 चलते थे तो लाभार्थी तक सिर्फ ₹15 पहुँचते थे। उन्होंने कहा कि यह बात खुद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ने स्वीकार की थी। सीएम योगी के मुताबिक बाकी पैसा कॉन्ग्रेस और सपा के लोग डकार जाते थे। अब का हाल बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस किसान के लिए ₹25 हजार मंजूर होते हैं, उसके खाते में पूरे 25 हजार आते हैं। उन्होंने कहा कि न बीच में कोई बिचौलिया है और न कोई कटौती।

‘हुदहुद चक्रवात का मुआवजा खा गए सपाई’

मुख्यमंत्री ने सपा सरकार को भी नहीं बख्शा। उन्होंने बताया कि 2014 में हुदहुद चक्रवात के समय केंद्र ने ₹3,200 करोड़ भेजे थे लेकिन तत्कालीन सपा सरकार किसानों में सिर्फ 800 करोड़ ही बाँट सकी। बाकी रकम किसानों तक पहुँची ही नहीं। 

सीएम योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद उन्होंने इसकी जाँच कराई और अलग से बजट का इंतजाम करके किसानों को बकाया मुआवजा दिलाया। उनका कहना था कि जाति के नाम पर समाज को बाँटने वाले किसानों की गाढ़ी कमाई पर भी हाथ साफ करने से नहीं चूके, और अब उसी का श्राप उन्हें ले डूबा।

CM बोले- डबल इंजन सरकार में 8 से 10 दिन में मुआवजा

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने इस बार आठ से दस दिन के भीतर ही किसानों तक मुआवजा पहुँचा दिया। इस बरसात में आपदा से प्रभावित किसानों और आम नागरिकों को अब तक करीब ₹1 हजार करोड़ की मदद दी जा चुकी है। इससे पहले 1,29,326 किसानों को फसल नुकसान के लिए करीब ₹78 करोड़ मिल चुके हैं। जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति के मामलों में ₹225.93 करोड़ बाँटे जा चुके हैं।

जान गई तो 24 घंटे में 4 लाख

आपदा में किसी की मौत होने पर परिवार को 24 घंटे के अंदर ₹4 लाख देने के निर्देश हैं। आकाशीय बिजली जैसी दुर्घटनाओं में पात्र किसानों और बटाईदारों के परिवार को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना से ₹5 लाख मिलेंगे। जिनका घर पूरी तरह टूट गया, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना से ₹1.20 लाख अलग से दिए जा रहे हैं।

अधिकारियों को सख्त हिदायत भी दी गई कि बाढ़ से हो रहे कटान को रोकने का काम तुरंत शुरू करें। मौसम साफ होते ही PWD, नगर विकास विभाग और विकास प्राधिकरण टूटी सड़कों की मरम्मत में जुट जाएँ। सीएम योगी ने कहा कि पैसे की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। बिजली गिरने से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम और रेन गेज लगाए गए हैं, और लोगों के मोबाइल पर मौसम का अलर्ट भी भेजा जा रहा है।

मिशन शक्ति जागरूकता रैली को दिखाई हरी झंडी

कार्यक्रम में सीएम योगी ने कुछ पीड़ितों को चेक भी सौंपे, जिनमें सदर, कैंपियरगंज और गोला क्षेत्र के लाभार्थी शामिल थे। इसके बाद उन्होंने मिशन शक्ति के छठे चरण की जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाई, जिसमें महिला पुलिसकर्मी स्कूटी पर निकलीं। मुख्यमंत्री ने कृषि, उद्यान, मत्स्य पालन और फसल बीमा योजना के स्टॉल भी देखे।

15 अक्टूबर से खुलेंगे क्रय केंद्र

अतिवृष्टि वाले जिलों में 15 अक्टूबर से धान, ज्वार, बाजरा और मक्का की खरीद शुरू होगी। बाकी जिलों में खरीद सोमवार से चालू है। सीएम योगी के अनुसार खरीद की कोई सीमा नहीं होगी और पैसा सीधे खाते में जाएगा। 

उन्होंने यह भी गिनाया कि सरकार 86 लाख किसानों का ₹36 हजार करोड़ का कर्ज माफ कर चुकी है, 16 लाख निजी नलकूपों की बिजली मुफ्त की गई है और 22 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन तक सिंचाई पहुँची है। सपा राज पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि तब बिजली नहीं आती थी, सिर्फ बिल आता था।

मंत्री और सांसद ने भी रखी बात

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि अब तक कृषि क्षेत्र पर ₹69,163 करोड़ खर्च हुए हैं। गन्ने का भाव 280 से बढ़ाकर ₹400 प्रति क्विंटल किया गया है और गन्ना किसानों को ₹3.25 लाख करोड़ का भुगतान हो चुका है। 

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से 9 साल में ₹6,125 करोड़ की क्षतिपूर्ति दी गई है। सांसद रवि किशन ने कहा कि पहले की सरकारों में किसान कर्ज और तंगी से जूझते थे, जबकि अब मदद के लिए उन्हें भटकना नहीं पड़ता।