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अरुंधति रॉय ने लोगों को दी क़ानून तोड़ने की सलाह, गुस्साए कॉन्ग्रेस नेता ने कहा- कार्रवाई करे सरकार

अरुंधति रॉय ने विरोध करते हुए कहा कि सरकारी लोग उनसे नाम, पता, नंबर इत्यादि के डिटेल्स लेने उनके घर आएँगे। अपनी 'योजना' के तहत अरुंधति ने लोगों को सलाह दी कि जब एनपीआर डेटा कलेक्शन के दौरान सरकार उनका नाम पूछे, तो ग़लत जानकारी दें। अगर पता पूछा जाए तो '7 RCR' बता दें।

लेखिका अरुंधति रॉय ने लोगों को भड़काते हुए सरकार की बात न मानने की सलाह दी है। सीएए के ख़िलाफ़ हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर आग में घी डालने का काम करने वाली अरुंधति रॉय ने खुलेआम लोगों को सरकार की बात न मानने को कहा। उन्होंने एनपीआर को एनआरसी के लिए डेटाबेस करार दिया और कहा कि वो अपना नाम, पता व डिटेल्स के बारे में सरकारी अधिकारियों को ग़लत जानकारी दें। दिल्ली विश्वविद्यालय में एक सभा को सम्बोधित करते हुए अरुंधति ने सीएए को मुस्लिमों के ख़िलाफ़ बताया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही कह चुके हैं कि एनपीआर और एनआरसी में कोई सम्बन्ध नहीं है।

केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार (दिसंबर 24, 2019) को एनपीआर को अपडेट करने की प्रक्रिया के लिए 3941.35 करोड़ रुपए का बजट जारी किया। इसमें भारत के सभी निवासियों का विवरण होगा। इसमें स्थानीय स्तर पर ऐसे लोगों के डिटेल्स होंगे, जो पिछले 6 महीने से वहाँ रहे हैं, या फिर अगले 6 महीने वहाँ रहेंगे। सबसे पहले यूपीए-2 सरकार ने 2010 में एनपीआर तैयार करने की प्रक्रिया की थी और तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल इसमें नाम रजिस्टर कराने वाली पहली नागरिक बनी थीं। कॉन्ग्रेस सरकार के दौरान ही इसे एनआरसी से भी जोड़ा गया, जिसे भाजपा सरकार ने हटा दिया है।

अरुंधति रॉय ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सरकारी लोग उनसे नाम, पता, नंबर इत्यादि के डिटेल्स लेने उनके घर आएँगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए आधार कार्ड अथवा ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने को कहा जाएगा। अरुंधति ने कहा कि इस योजना के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ने के लिए उनलोगों ने एक योजना तैयार की है। अपनी ‘योजना’ के तहत अरुंधति ने लोगों को सलाह दी कि जब एनपीआर डेटा कलेक्शन के दौरान सरकार उनका नाम पूछे, तो ग़लत जानकारी दें। उन्होंने कहा कि अगर पता पूछा जाए तो ‘7 RCR’ बता दें।

बता दें कि ‘7 RCR (अब लोक कल्याण मार्ग)’ भारत के प्रधानमंत्री का पता होता है। अरुंधति रॉय ने डिटेंशन सेंटर और एनआरसी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिल्ली के रामलीला मैदान में दिए गए बयान को ‘झूठ’ बताया। पीएम ने मीडिया रिपोर्ट्स को नकारते हुए कहा था कि मुस्लिमों के लिए कोई डिटेंशन सेंटर नहीं बनाया गया है और एनआरसी के लिए कोई आधिकारिक चर्चा नहीं हुई है। अरुंधति रॉय ने कहा कि पीएम मोदी ने जानबूझ कर झूठ बोला क्योंकि उन्हें पता है कि मीडिया उनके हाथ में है, जो सच्चाई नहीं दिखाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी पुलिस मुस्लिमों के घर-घर जाकर उन्हें लूट रही है।

कॉन्ग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री नटवर सिंह ने अरुंधति रॉय के बयान पर आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि सरकार को उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि वो लोगों को भड़का रही हैं। नटवर सिंह ने आरोप लगाया कि अरुंधति लोगों को क़ानून तोड़ने की सलाह दे रही है। भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा कि ये वामपंथी जिस देश का खाते हैं, उसी देश की हत्या करने पर उतारू हैं। रवि किशन ने कहा कि ये वामपंथी मानवता के दुश्मन हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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