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JNU वाले इलाके से वामपंथ गायब: लेफ्ट को नोटा से भी कम मिले वोट, आँकड़ों में भारी अंतर

महरौली असेंबली सीट पर बीजेपी की ओर से कुसुम खत्री मैदान में हैं। कॉन्ग्रेस ने यहाँ से महेंदर चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाया है, तो वहीं आम आदमी पार्टी ने नरेश यादव को फिर से मौका दिया है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के नतीजें लगभग साफ है। चुनाव आयोग के आँकड़ों के मुताबिक दिल्ली की 70 सीटों में आम आदमी पार्टी 63 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। बीजेपी 7 सीटों पर आगे चल रही है। इसी बीच महरौली सीट के रुझान हैरान कर देने वाले हैं।

बता दें कि महरौली जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) विधानसभा इलाके में आता है और राजनीतिक गलियारों के मुताबिक यहाँ लेफ्ट पार्टियों का बोलबाला रहा है। इसके बावजूद इस बार यहाँ के आँकड़े काफी चौंकाने वाले हैं। यहाँ लेफ्ट पार्टी को नोटा से भी कम वोट मिले हैं।

महरौली असेंबली सीट पर बीजेपी की ओर से कुसुम खत्री मैदान में हैं। कॉन्ग्रेस ने यहाँ से महेंदर चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाया है, तो वहीं आम आदमी पार्टी ने नरेश यादव को फिर से मौका दिया है। यहाँ साल 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार नरेश यादव को जीत मिली थी। इस बार भी AAP उम्मीदवार नरेश यादव ही आगे चल रहे हैं। चुनाव आयोग के आँकड़ों के मुताबिक इस सीट से नोटा को अब तक 231 वोट मिले हैं, जबकि ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक नाम की लेफ्ट पार्टी को महज 58 वोट मिले हैं।

उल्लेखनीय है कि इस बार करीब 62.59 प्रतिशत मतदान हुआ है। चुनाव आयोग ने मतदान के करीब 24 घंटे बाद ये आँकड़े जारी किए, जिस पर आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाए थे। इस बार दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर कुल 672 प्रत्याशी मैदान में थे। इससे पहले एग्जिट पोल्स में आम आदमी पार्टी की बंपर जीत का अनुमान लगाया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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