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जमात और उनके संपर्क में आए 22000 क्वारंटाइन, तमिलनाडु में संक्रमण के 74 नए मामलों में से 73 मरकज के

संक्रमण के कुल मामलों में से 9% जहाँ 0-20 साल की उम्र के हैं, वहीं 42% 21-40 की उम्र के, 33% 41-60 साल के बीच और 17% की उम्र 60 साल से ज्यादा है। COVID-19 केसेस में वृद्धि की दर भारत में अन्य देशों की अपेक्षा कम है।

दिल्ली में हुए तबलीगी जमात के आयोजन ने देश में कोरोना वायरस संक्रमण के हालत को भयावह कर दिया है। जमात का निजामुद्दीन स्थित मरकज संक्रमण का मुख्य केंद्र बनकर उभरा है। देश का कोई राज्य इससे अछूता नहीं है। तमिलनाडु से संक्रमण के जो 74 नए मामले सामने आए, उनमें 73 के तार मरकज से ही जुड़े हुए हैं। इसके साथ ही राज्य में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 485 हो गई है। इनमें से 422 मामलों का स्रोत एक ही है। तबलीगी जमात। यह जानकारी राज्य की स्वास्थ्य सचिव बीला राजेश ने शनिवार को दी।

वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि पिछले 24 घंटों में 601 नए कोरोना पॉजिटिव केसेस आने के बाद देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 2902 हो गई है। संक्रमण से 68 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि 1023 नए मामलों में से 30 प्रतिशत तबलीगी जमात से संबंधित हैं जो देश के 17 राज्यों में फैले हैं।

लव अग्रवाल ने यह भी बताया कि संक्रमण के कुल मामलों में से 9% जहाँ 0-20 साल की उम्र के हैं, वहीं 42% 21-40 की उम्र के, 33% 41-60 साल के बीच और 17% की उम्र 60 साल से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि COVID-19 केसेस में वृद्धि की दर भारत में अन्य देशों की अपेक्षा कम है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि देश भर में तबलीगी जमात के सदस्य और उनके संपर्क में आए 22 हजार लोग अब तक क्वारंटाइन किए गए हैं।

याद रहे कि देश भर से तब्लीगी जमात के लोगों द्वारा मेडिकल स्टाफ और नर्सों के साथ बदसलूकी की खबरों के बीच शुक्रवार को गृह मंत्रालय ने बताया था कि सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखकर स्वास्थ्यकर्मियों आदि पर हो रहे हमलों के विषय में कठोर एक्शन लेने और कोरोना महामारी के विरुद्ध जारी इस लड़ाई में शामिल डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों आदि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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