Homeविविध विषयमनोरंजनशौकत जहां ने 'हनुमान' को थप्पड़ मारा... वो दुम दबाकर भागा: नेटफ्लिक्स पर चल...

शौकत जहां ने ‘हनुमान’ को थप्पड़ मारा… वो दुम दबाकर भागा: नेटफ्लिक्स पर चल रही सफदर रहमान की Chippa

"परदादी शौकत जहां ने अपने हाथ की आस्तीन को मोड़ा, फिर उसके पास गई और एक जोर का थप्पड़ मारा और उसके हाथ से नारियल ले लिया। इसके बाद 'हनुमान' ने अपना सिर झुकाया, दुम दबाया और भाग गया।"

अमेरिकन ऑनलाइन मीडिया स्ट्रीमिंग कंपनी नेटफ्लिक्स पर एक बार फिर से हिंदुओं और हिंदू धर्म का अपमान करने का आरोप लगा है। नेटफ्लिक्स की लेटेस्ट मूवी ‘Chippa’ का एक क्लिप सामने आया है। इसमें हिंदुओं के भगवान हनुमान का मजाक उड़ाते हुए देखा जा सकता है। बता दें कि इस मूवी के निर्देशक और लेखक सफदर रहमान हैं।

फिल्म के क्लिप में दिखाया जाता है कि एक बुजुर्ग मुस्लिम शख्स एक बच्चे को अपनी परदादी मरहूम शौकत जहां की कहानी सुनाता है। वह कहता है कि उसकी परदादी शौकत जहां को बचपन से ही घुड़सवारी और लड़कों के साथ खेलने का काफी शौक था। वो नारियल को मुक्का मारकर ही फोड़ देती थी।

वह आगे कहता है कि एक दिन वो नारियल लेकर आ रही थी कि उनके सामने ‘हनुमान’ आ गया। हनुमान ने उनके हाथ से नारियल ले लिया और एक तरफ खड़े होकर हँसने लगा। परदादी शौकत जहां ने अपने हाथ की आस्तीन को मोड़ा, फिर उसके पास गई और एक जोर का थप्पड़ मारा और उसके हाथ से नारियल ले लिया। इसके बाद ‘हनुमान’ ने अपना सिर झुकाया, दुम दबाया और भाग गया।

कथित तौर पर फिल्म के अंत में उसी बच्चे को हनुमान चालीसा पढ़ने के दौरान थप्पड़ मारा जाता है। सोशल मीडिया पर लोग हिंदुओं के अपमान से खफा हैं। उनका कहना है कि यह अस्वीकार्य है। उन्होंने नेटफ्लिक्स प्लेटफॉर्म और निर्देशक सफदर रहमान के खिलाफ आपराधिक शिकायत की माँग की है।

लोगों ने यह भी कहा कि अगर फिल्ममेकर को यही दिखाना था कि परदादी ने बंदर को थप्पड़ मारा तो वो उसे ‘हनुमान’ कहने की बजाय बंदर कह सकते थे। मगर उन्हें तो हिंदू देवताओं का अपमान करना था, इसलिए ऐसा कहा गया।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है, जब नेटफ्लिक्स पर हिंदू देवी-देवताओं या उनके धर्म का अपमान करने का आरोप लगा हो। इससे पहले इसी प्लेटफॉर्म पर ‘लैला’ के जरिए हिन्दुओं के प्रति घृणा जगाने वाले नाम के रूप में परोसने का काम किया। शो में एक ऐसे काल्पनिक फ्यूचर की कल्पना की गई, जहाँ ‘हिन्दू राष्ट्रवादियों’ का राज्य की मशीनरी पर कब्ज़ा हो जाता है।

वहीं पिछले दिनों शिवसेना नेता रमेश सोलंकी ने भी नेटफ्लिक्स के ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि नेटफ्लिक्स कई शो के माध्यम से लगातार हिन्दू भावनाओं को आहत करने का काम कर रहा है। शिवसेना नेता ने अमेरिकी कम्पनी पर आरोप लगाया कि नेटफ्लिक्स के माध्यम से दुनिया भर में भारत की नकारात्मक छवि बनाई जा रही है। 

शिवसेना नेता ने अपनी शिकायत में सैफ अली ख़ान और नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी अभिनीत ‘सेक्रेड गेम्स’, हुमा कुरैशी की ‘लैला’, राधिका आप्टे की ‘Ghoul’ और स्टैंड-अप कॉमेडियन हसन मिन्हाज की ‘पेट्रियट एक्ट’ का नाम लिया था। सोलंकी ने कहा था कि नेटफ्लिक्स पर प्रसारित होने वाले लगभग सभी सीरीज में भारत को बदनाम करने की कोशिश की जाती है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -