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विकास दुबे के बहाने ओवैसी ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कहा- ठोक देंगे नीति पूरी तरह नाकाम

"विकास दूबे का मामला यह दिखाता है कि कैसे योगी सरकार की ‘ठोक देंगे’ नीति राजनीतिक तौर पर विफल साबित हुई है। आप बंदूक की मदद से एक राज्य में क़ानून का शासन लागू नहीं कर सकते हैं और न ही सही नतीजों की उम्मीद कर सकते हैं। इस तरह की नीति के लिए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ही ज़िम्मेदार हैं।"

कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मियों की मौत को लेकर सांसद और एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि योगी सरकार ने पिछले कुछ समय से जिस तरह ‘ठोक देंगे’ की नीति अपनाई है वह असफल ही साबित हुई है।

ओवैसी ने कहा कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की घटना से यह साफ़ हो जाता है कि उत्तर प्रदेश की ‘ठोक देंगे’ पॉलिसी पूरी तरह नाकाम हुई है। हैदराबाद के सांसद ने ट्वीट कर कहा, “विकास दूबे का मामला यह दिखाता है कि कैसे योगी सरकार की ‘ठोक देंगे’ नीति राजनीतिक तौर पर विफल साबित हुई है। आप बंदूक की मदद से एक राज्य में क़ानून का शासन लागू नहीं कर सकते हैं और न ही सही नतीजों की उम्मीद कर सकते हैं। इस तरह की नीति के लिए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ही ज़िम्मेदार हैं।”

ट्वीट के दूसरे हिस्से में ओवैसी ने लिखा, “क़ानूनी कार्रवाई से लोगों का भरोसा बढ़ता है, लोगों के सामने उदाहरण की तरह पेश किया जाता। उस पर मुकदमा चलाया जाता, उसके बाद न्यायिक प्रक्रिया से दंड दिया जाता। पुलिस वालों की दबंगई के बावजूद विकास दूबे को पकड़ा नहीं जा सका। विकास दूबे की घटना योगी आदित्यनाथ के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। योगी सरकार की ठोक देंगे नीति के चलते इस तरह के लोगों और घटनाओं को बढ़ावा मिला है। हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि विकास दूबे को भरपूर राजनीतिक संरक्षण भी मिला था।”

ओवैसी के अलावा विपक्ष के तमाम नेताओं ने भी इस मामले पर योगी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि योगी सरकार के मुठभेड़ का नाटक करने की वजह से इतनी बड़ी घटना हुई है। वहीं प्रियंका गांधी का कहना है कि यह घटना भयावह है और इससे पता चलता है कि प्रदेश में क़ानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है। बसपा मुखिया मायावती ने भी इस घटना को शर्मनाक बताया है।

इसके पहले ओवैसी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लद्दाख दौर पर भी तंज कर चुके हैं। ट्वीट करते हुए ओवैसी ने लिखा “प्रधानमंत्री जी अच्छा हुआ आप हमारे जवानों से मिलने चले गए और घायल सैनिकों का हालचाल पूछा। इससे फौजियों का हौसला तो बढ़ेगा, चौकीदार ने कहा मुंहतोड़ जवाब, लेकिन किसे? चीन का नाम लेने में संकोच कैसा? प्रधानमंत्री के इस दौरे से साबित होता है कि चीन हमारी सीमा में घुस कर बैठा है। क्या चौकीदार को इस बात का अनुमान है कि फिलहाल के युद्ध भंडार की मदद से हम केवल 12 दिनों तक पूरी लड़ाई लड़ सकते हैं।” 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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